नौगढ़। जल जीवन मिशन के तहत विकासखंड नौगढ़ के 50 गांवों को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए योजना बनाई गई थी लेकिन तीन साल में मात्र दो गांवों में आंशिक रूप से पानी की आपूर्ति हो सकी है। दो साल से कार्य ठप है। इससे विकासखंड के ग्रामीणों को पानी के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सेमरसाधोपुर, लौवारीकलां और धनकुंवारी कलां योजना में अभी तक कार्य शुरू ही नहीं हुआ है। इससे 26 गांवों की जनता को शुद्ध पानी नहीं मिल पाया। चमेरबांध योजना में दो साल से पानी की टंकी का निर्माण शुरू नहीं हो पाया है और अब तक केवल 30 घरों तक ही पानी पहुंच सका है। वहीं जयमोहनी योजना के तहत नरकटी गांव में लगभग 20 घरों को ही पानी मिल पा रहा है। यहां भी टंकी निर्माण नहीं हुआ है और कार्य एक साल से बंद है। लौवारी गांव के प्रधान यशवंत यादव, जमसोत के प्रधान कृष्ण कुमार जायसवाल, चमेरबांध के अजीत, नरकटी के चंदन यादव का आरोप है कि काम की गुणवत्ता भी बेहद खराब है। लोग आज भी पानी के लिए इधर-उधर भटक रहे हैं। इस संबंध में जलनिगम ग्रामीण के अधिशासी अभियंता अमित रघुवंशी ने बताया कि कार्यदायी संस्थाओं को मार्च 26 तक सभी कार्य पूरे करने के निर्देश दिए गए हैं।
पेयजल योजनाएं और उससे जुड़े गांव
सेमरसाधोपुर पेयजल योजना के तहत सेमरसाधोपुर, शाहपुर, जमसोत, पथरौर, होरीला, धोबही, धनकुंवारी कलां योजना तहत धनकुंवारी कलां, धनकुंवारी खुर्द, धूसूंरियानवा बांध, काशीपुर, केसार, पड़रिया, कूबराडीह गांव हैं
लौवारीकलां पेयजल योजना के तहत लौवारीकलां, लौवारी खुर्द, बसुआअरड़, बलुहवा, गोथौली, डंकही, बरौर, जामसोती, लटमरवा, लोलरचूंवा, लेडहां, सुरहिया आदि गांव हैं।
देवरीकलां पेय योजना के तहत देवरीकलां, देवरी खुर्द, औरवाटाड़, नोनवट, कर्मठचुआं, काशीझोर, केल्हरिया, सपहर, पंडी आदि गांव हैं
जयमोहनी पेयजल योजना के तहत नरकटी, बलियारी सहित 12 गांव हैं।
चमेरबांध योजना के तहत चमेरबांध गांव में ग्रामीणों तक शुद्ध पेयजल पहुंचाया जाना है।