शहर की नालियां सिल्ट से बजबजा रही हैं। सफाईकर्मी ना तो सही तरीके से नालियों में झाड़ू लगाते है और ना ही सिल्ट निकालते है। नतीजतन गंदा पानी ओवरफ्लो होकर सड़क पर बहता रहता है।
नगर में 25 वार्डों में लगभग ढाई लाख की आबादी निवास करती है। हर रोज नगर में सफाई व्यवस्था के लिए पालिका की ओर से नियमित, संविदा और आउसोर्सिंग को मिलाकर 150 से अधिक कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाती है।
17 सिंतबर से दो अक्टूबर तक स्वच्छता पखवाड़ा के तहत विभिन्न कार्यक्रमों को आयोजन किया जाना है। चंदासी वार्ड में नाली से पानी ओवरफ्लो होकर सड़क पर बह रहा है। इस्टर्न बाजार में भी नालियों की सफाई ठीक से नहीं होती है। थोड़ी सी बारिश में गलियों में पानी भर जाता है।
वहीं बिछड़ी, अलीनगर, मुगलचक, महमूदपुर, मवई खुर्द आदि वार्डो में भी कई स्थानों पर नालियां सिल्ट से बजबजा रही हैं। इसके चलते क्षेत्र में मच्छरों का प्रकोप भी काफी बढ़ गया है। इसके साथ सफाई नहीं होने से संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका भी बढ़ गई है।
इस संबंध में नगर पालिका चेयरमैन सोनू किन्नर ने कहा कि शहर को स्वच्छ बनाने के लिए सफाई व्यवस्था पर विशेष जोर दिया जा रहा है। शीघ्र ही अभियान चलाकर नालियों से सिल्ट निकलवाया जाएगा। जहां गंदगी मिलेगी वहां के सफाई नायक को नोटिस देकर जवाब तलब किया जाएगा।