संवाद न्यूज एजेंसी
नियामताबाद। जनपद में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण हालात बेकाबू होते जा रहे हैं।
गढ़ई और चंद्रप्रभा नदियों ने उफान पर आकर विकराल रूप धारण कर लिया है। इन नदियों की समय पर सफाई नहीं होने के कारण जल निकासी बाधित हो गई है, जिससे हज़ारों एकड़ फसलें जलमग्न होकर पूरी तरह बर्बाद हो चुकी हैं। इससे किसानों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
पं दीनदयाल उपाध्याय नगर तहसील क्षेत्र के पांडेयपुर, नियामताबाद ,बुधवार, पचोखर, चदाईत, हसनपुर, बौरी सहित कई गांवों के सैकड़ों एकड़ फसल जलमग्न हो गई है।
इस भाजपा नेता राणा प्रताप सिंह ने किसानो से मिलकर उनकी समस्या पर सिंचाई विभाग के अधिकारियों से सवाल जवाब किया। किसानों का कहना है कि अगर समय रहते नदियों की सफाई होती और जल निकासी के उचित इंतज़ाम किए जाते, तो आज उनकी मेहनत और पूंजी इस तरह बर्बाद न होती।
किसानों ने खासतौर पर गोधन मोड़ से लेवा तक बन रही सड़क चौड़ीकरण परियोजना पर सवाल उठाए। बताया गया कि इस परियोजना के अंतर्गत लगभग 1.5 किलोमीटर लंबे पुराने गढ़ई नदी को पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा मिट्टी से पाट दिया गया है।
इससे बारिश का पानी खेतों में भर गया और जल निकासी की व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। पूर्व जिला अध्यक्ष राणा प्रताप सिंह ने भी किसानों की पीड़ा को जायज़ ठहराते हुए पीडब्ल्यूडी पर गंभीर आरोप लगाए।
उन्होंने कहा कि यह विभाग की घोर लापरवाही है, जिससे किसानों की आजीविका पर संकट आ गया है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि तुरंत प्रभाव से जल निकासी की व्यवस्था कराई जाए, और जिन किसानों की फसलें नष्ट हुई हैं, उन्हें उचित मुआवजा प्रदान किया जाए।
इस संबंध में एक्सईएन पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड कृष्ण कुमार ने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी पूर्ण ढंग से नहीं है। वैसे सड़क चौड़ीकरण में सड़क के क्षेत्र में वृध्दि के अगर नदी का हिस्सा पर मिट्टी पड़ सकती है।
जहां तक फसल डूबने का विषय है यह बंधी से छोड़े गए पानी और बरसात से है। इस मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करेंगे।