पीडीडीयू नगर। राष्ट्रीय बालिका दिवस पर बुधवार को जिले के अलग अलग इलाकों में हुई गोष्ठियों में वर्तमान परिपेक्ष्य में बेटियों की वर्तमान स्थिति पर चर्चा की गई। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि लडकियों से भेदभाव नहीं होना चाहिए। अवसर मिले तो बेटियां आसमान छू सकती है। बेटियों के विकास के बिना देश का विकास अधूरा है।
नौगढ़ संवाददाता के अनुसार ग्राम्या संस्थान की ओर से बुधवार को राजदरी जलप्रपात पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस दौरान किशोरियों के दर्शनीय स्थल पर भ्रमण, सामूहिक गीत, बालिका दिवस की महत्ता, वर्ष 2024 की थीम समानता घर से, लैंगिक समानता, समान अवसर, हिंसा जैसे मुद्दों पर चर्चा की गई। वक्ताओं ने किशोरियों, महिलाओं को प्रभावित करने वाले मुद्दों को अपने-अपने गांव की बस्तियों में उठाए जाने पर जोर दिया गया। ग्राम्या संस्थान की निदेशक बिंदु सिंह ने कहा कि प्रत्येक वर्ष साठ हजार से अधिक बच्चे गायब हो जाते हैं।
इनमें लड़कियों का प्रतिशत अधिक होता है। कहा कि बालिका दिवस का मुख्य उद्देश्य लोगों में जागरूकता पैदा करना है। इस मैके पर चंद्रप्रभा चौकी इंचार्ज अभिनव गुप्ता, सरस्वती, खुशी, आराधना, स्नेहा मौर्य, रेनू, गुड़िया, पूजा, रूबी, रिंकी, बेबी, शालू, सानिया, निशा, आशा, आशुतोष, त्रिभुवन, रामविलास आदि उपस्थित रहे। शहाबगंज संवाददाता के अनुसार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर बुधवार राष्ट्रीय बालिका दिवस पर रैली निकाली। रैली प्रभारी चिकित्सा अधिकारी नीलेश मालवीय ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। प्रभारी चिकित्साधिकारी नीलेश मालवीय ने कहा कि बालिका हर क्षेत्र में बालकों के कम नहीं है। इस दौरान डाॅ. कांति त्रिपाठी, डाॅ. रजनीश कुमार, प्रेमलता, महिपाल आदि शामिल रहे।