भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डा. लक्ष्मीकांत वाजपेई, विधायक सुशील सिंह, पूर्व
जिलाध्यक्ष राणा प्रताप सिंह व जिलाध्यक्ष सर्वेंश कुशवाहा कार्यकर्ताओं
के साथ विकास भवन स्थित कैंप कार्यालय से जिलाधिकारी से मिलने उनके आवास पर
पहुंचे।
वे डीएम से किसानों के मुद्दे पर बात करना चाहते थे। आवास
के बाहर पांच मिनट तक खड़े रहने के बाद कार्यालय से बाहर आए एक दरोगा ने
बताया कि जिलाधिकारी नहीं मिल पाएंगे। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि जिलाधिकारी
का न मिलना उनकी संवेदनहीनता का परिचायक है।
दो-दो जनप्रतिनिधि डीएम
से मिलने के लिए खड़े थे। यह मानवाधिकार हनन का मामला है इसे आगामी विधान
सत्र में पुरजोर तरीके से उठाया जाएगा।