क्षेत्र के बलुआ स्थित पंप कैनाल से नहरों में पानी न छोड़े जाने से नाराज
किसानों ने मंगलवार की दोपहर ग्यारह बजे पंप कैनाल पर पहुंचकर एक्सईएन और
जेई के खिलाफ प्रदर्शन किया और जमकर नारेबाजी की।
चेताया कि यदि जल्द ही पंप कैनाल द्वारा नहरों में पानी नहीं आता है तो उग्र आंदोलन भी होगा।
इस
प्रदर्शन के दौरान किसानों ने कहा कि आधा जून बीत जाने के बाद भी अभी तक
नहरों में पानी नहीं आया है। जिससे किसानों को धान की नर्सरी डालने में
भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
नहरों में पानी नहीं आने से धान की
नर्सरी पिछड़ रही है। जिसका खेती पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है। एक तरफ सपा
सरकार किसानों की हितैषी बनती है, लेकिन जमीनी हकीकत यही है कि सरकार
किसानों को कोई भी सुविधा उपलब्ध नहीं करा पा रही है।
इस शासन में अधिकारी
और कर्मचारी बेलगाम हो चुके है। इसी का परिणाम है कि अभी तक नहरों में पानी
नहीं आया है, जिससे किसान परेशान हो रहे हैं। किसानों का कहना है कि रबी
की फसल ओलावृष्टि से पूरी तरह से बर्बाद हो चुकी है, जिसकी आज तक भरपाई
नहीं हो पाई।
यदि पंप कैनाल का यही हाल रहा तो किसान खरीफ की फसल से भी
वंचित रह जाएंगे। इस संबंध में एक्सईएन सिद्घार्थ सिंह ने बताया कि तीन दिन
के अंदर किसी भी हालत में नहर में पानी चालू कर दिया जाएगा। प्रदर्शन का
नेतृत्व पप्पू सिंह ने किया। इस अवसर पर रिंकू सिंह, लोकनाथ सिंह, जगदीश
सिंह, कैलाश चौबे, कैलाश यादव, संतोष यादव, मुन्ना चौबे, शेषनाथ सिंह,
संदीप, शैलेंद्र कल्लु सिंह आदि किसान मौजूद थे