निरीक्षण के दौरान डीएम चंद्र मोहन गर्ग ने सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता अनुराग सिंह को स्पष्ट निर्देश दिया कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि कार्य पूर्ण होने के बाद तकनीकी टीम द्वारा जांच कराई जाएगी और यदि गुणवत्ता में कमी या अंतिम छोर तक पानी नहीं पहुंचने जैसी अनियमितता सामने आई तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि निर्माण कार्य में मानकों के विपरीत घटिया सामग्री का प्रयोग पाया गया या कार्य समय पर पूरा नहीं हुआ तो संबंधित ठेकेदारों के भुगतान रोकने, जुर्माना लगाने और उन्हें ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई भी की जाएगी।
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निरीक्षण के दौरान डीएम ने बसंतु की मड़ई गांव के समीप नहर के दाहिनी ओर बनाए गए डौला के कारण सड़क पर जमा मिट्टी को तत्काल हटाने के निर्देश दिए। साथ ही डौला के तटबंध की मिट्टी को भी मजबूती से दुरुस्त करने को कहा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि नहर परियोजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराना है और यह सुनिश्चित किया जाए कि पानी अंतिम छोर तक के किसानों को सुचारु रूप से मिले। निरीक्षण के दौरान सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता अनुराग सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।