टांडाकला (चंदौली)। नशीले कफ सिरप सिंडीकेट के अहम सदस्य बर्खास्त सिपाही आलोक प्रताप सिंह को यूपी एसटीएफ ने मंगलवार सुबह गिरफ्तार कर लिया। उसे लखनऊ के सुल्तानपुर रोड स्थित उसके घर के पास से पकड़ा गया है। आलोक मूलत: चंदौली के कैथी गांव का रहने वाला है। चंदौली से ही उसने सातवीं तक की पढ़ाई की थी। उसके बाद पिता के साथ लखनऊ चला गया। गांव में आज भी उसका घर है।
कैथी निवासी वीरेंद्र प्रताप सिंह के तीन बेटे हैं। मांधाता सिंह, आलोक सिंह उर्फ डब्लू और बंबू सिंह। आलोक के सहपाठी रहे कैथी गांव के ज्ञानधर तिवारी ने बताया कि आलोक ने गांव के ही प्राथमिक विद्यालय से कक्षा तीसरी तक 1982 में पढ़ाई की थी। इसके बाद चहनियां स्थिति खंडवारी विद्यालय से सातवीं तक की पढ़ाई की। उसके पिता लखनऊ में पोस्टऑफिस में पोस्टमास्टर थे। इससे सातवीं के बाद वे पिता के साथ लखनऊ में रहने चला गया। वहां पुलिस में भर्ती हुआ। प्रयागराज में एक कारोबारी से सोना लूट मामले में इसे बर्खास्त किया गया। इसके बाद वह बहाल भी हुआ लेकिन नौकरी छोड़ दिया। ज्ञानधर तिवारी ने बताया कि गांव में आज उसके दो चाचा नित्यानंद सिंह, दुर्गा सिंह गांव में खेती-बाड़ी करते हैं। नित्यानंद सिंह जहां सेक्रेटरी के पद से रिटायर हुए हैं वहीं दुर्गा सिंह पुलिस विभाग में थे। परिवार आज भी संयुक्त रूप से रहता है। गांव में बड़ा सा मकान भी है।