पीडीडीयू नगर। दीपावाली में घरों को रंग-बिरंगे झालर-बत्तियों से सजाने के लिए इस बार लोग चाइनीज झालरों को नकार कर देश में बने झालरों की लाइटों को खरीद रहे हैं। पर्व को देखते हुए जिले की इलेक्ट्रिक और इलेक्ट्रॉनिक्स दुकानों पर झालर और बत्तियों की दुकानें सज गई हैं। स्थानीय दुकानदारों ने बताया कि लोग देसी झालरों को ज्यादा पसंद कर रहे हैं।
बाजार में एक से बढ़कर एक आकर्षक झालर, इलेक्ट्रॉनिक मोमबत्तियां, जगमगाते दीये समेत अन्य देसी प्रोडक्ट ग्राहकों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। हालांकि इस वर्ष चीन में बने सजावटी सामानों का खास विरोध नहीं हो रहा है लेकिन बावजूद लोग देश में बने इलेक्ट्रॉनिक झालरों व अन्य इलेक्ट्रॉनिक सजावट के आइटमों की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि देसी उत्पाद टिकाऊ और मजबूत होते हैं। जबकि चीन के सामानों की कोई गारंटी नहीं होती। इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं के दुकानदार सुनील अग्रहरि ने बताया कि इस वर्ष झालरों और इलेक्ट्रॉनिक सजावटी सामानों की जमकर बिक्री हो रही है।
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100 से लेकर 700 तक है झालरों की कीमत
इस वर्ष दुकानों में गुजराती झालरों की भी खूब बिक्री हो रही है। क्वालिटी के अनुसार इनकी कीमत 100 से लेकर 700 रुपये प्रति लड़ी है। वहीं दीया 100 से लेकर 600 रुपये में बिक रहा है। साधारण झालर 100 से 700 रुपये प्रति लड़ी की दर से बाजार में उपलब्ध हैं। इसके अलावा झूमर 100 से 700, ट्री लाइट 200 और कैंडल 100 रुपये का बिक रही है।
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रंग-बिरेंगे फूल दे रहे असली को मात
दीपावली पर घरेलू साज-सज्जा के लिए बाजार में तरह-तरह के आर्टिफिशियल फूलों की दुकानें सजी हैं। स्टेशनरी की दुकानों पर विभिन्न रंगों में और कई प्रकार की डिजाइन में फूलों और सजावटी वस्तुओं की दुकानें सजी हैं। कई फूल तो असली को भी मात दे रहे हैं। इनमें गुलाब से लेकर विदेशी फूलों तक के गुच्छे हैं। इनकी कीमत 40 रुपये से लेकर 800 रुपये तक है।