क्षेत्र में पर्यटन विभाग ने विभिन्न जगहों पर दूरी अंकित कर दिशा सूचक बोर्ड लगाए हैं। अब दूर से आने वाले सैलानियों को पर्यटन स्थलों के दूरी व दिशा का पता आसानी से चल सकेगा।
वनांचल क्षेत्र में आधा दर्जन जलप्रपात,बांध और पर्यटन स्थल मौजूद हैं। जहां दूर दूर से सैलानी जंगलों में सैर सपाटे के साथ साथ जलप्रपातों से गिरते पानी व जंगलों की खूबसूरती को निहारने के लिए आते हैं।
कई जगहों पर घुमावदार व संकरे मार्ग होने से पर्यटक भ्रमित हो जाते थे। जगह जगह पर्यटकों को रुककर लोगों से रास्ता पूछना पड़ता था।कभी कभी पर्यटक जानकारी के अभाव में दूसरी दिशा की ओर मुड़कर चले जाते थे। इसको देखते हुए पर्यटन विभाग ने मानसून आने से पहले ही वन क्षेत्रों के साथ विभिन्न क्षेत्रों में जगह व दूरी अंकित कर दिशा सूचक बोर्ड लगावाया है। पर्यटन विभाग वन क्षेत्र में जगह जगह दिशा सूचक व दूरी बोर्ड लगाने के साथ ही बाहर से आने वाले पर्यटकों के स्वागत के लिए स्वागत व धन्यवाद बोर्ड भी लगाए गए हैं। प्रभागीय वनाधिकारी चंदौली दिलीप कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि
बारिश के मौसम में पर्यटन स्थलों पर काफी संख्या में पर्यटकों के पहुंचने की उम्मीद है।
इसको देखते हुए पर्यटन विभाग ने जगह जगह दूरी व दिशा सूचक बोर्ड लगावाया है। इससे सैलानी अब नहीं भटकेंगे। आसानी से अपने गंतव्य तक जा सकेंगे।