पीडीडीयू नगर। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि रामधारी सिंह दिनकर केवल एक कवि नहीं, बल्कि राष्ट्रीय चेतना के प्रखर स्वर थे। उनकी कविताओं ने स्वतंत्रता संग्राम से लेकर आधुनिक भारत तक पीढ़ियों को प्रेरणा दी है।
दिनकर की रचनाएं युवाओं के लिए ऊर्जा और राष्ट्रभक्ति का स्रोत हैं। वे मंगलवार को अलीनगर स्थित केंद्रीय विद्यालय ऑडिटोरियम में राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की 117वीं जयंती में बतौर मुख्य अतिथि बोलें।
उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक मंगलवार की शाम 3:40 बजे के करीब केंद्रीय विद्यालय के हेलीपैड पर हेलीकॉप्टर से पहुंचे, जहां पूर्व केंद्रीय मंत्री चकिया के भाजपा विधायक कैलाश आचार्य, भाजपा जिलाध्यक्ष काशीनाथ सिंह, जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग, पुलिस अधीक्षक आदित्य लांग्हे ने स्वागत किया।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि दिनकर केवल एक कवि ही नहीं, बल्कि एक ऐसे चिंतक और राष्ट्रवादी थे, जिन्होंने अपनी रचनाओं से देश के युवाओं और समाज को सदैव ऊर्जा प्रदान की। उन्होंने कहा कि दिनकर की कविताएं स्वतंत्रता संग्राम के समय लोगों के लिए प्रेरणा स्रोत बनीं और आज भी समाज में राष्ट्रप्रेम की भावना जगाने का कार्य करती हैं।
दिनकर की लेखनी में वीर रस, देशभक्ति और प्रखर राष्ट्रवाद की झलक साफ देखने को मिलती हैं। वे केवल कवि ही नहीं, बल्कि शिक्षा और साहित्य जगत के मार्गदर्शक भी थे। उनके विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने स्वतंत्रता संग्राम के समय थे।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने राष्ट्रकवि दिनकर के साहित्य और उनके विचारों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनकी कविताएं समाज में जोश, जागरूकता और बदलाव लाने का कार्य करती हैं।
राष्ट्रवादी चिंतन और सांस्कृतिक मूल्यों के संवाहक दिनकर आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने अपने समय में थे। चंदौली के पूर्व सांसद डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय ने कार्यक्रम में उपस्थित होकर आभार प्रकट किया और दिनकर की जयंती को युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
इस अवसर पर राज्यसभा सांसद दर्शना सिंह, सैयदराजा विधायक सुशील सिंह, चकिया विधायक कैलाश आचार्य, भाजपा जिलाध्यक्ष काशीनाथ सिंह उपस्थित रहे।