डीआईजी एसके भगत ने मंगलवार की दोपहर पुलिस लाइन में विभागीय अधिकारियों संग बैठक कर मुख्य अपराधों की समीक्षा की।
साथ
ही जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव के बाबत आवश्यक निर्देश भी दिए।
थानाध्यक्षों से साफ कहा कि यदि जिला पंचायत चुनाव में पक्षपात की शिकायत
मिली, तो तत्काल निलंबन होगा। उन्होंने एसपी को पंद्रह दिन में विभागीय
कमियों में सुधार लाने के निर्देश दिए।
डीआईजी ने बैठक के दौरान उन
अपराधों की समीक्षा की, जिनका अभी तक अनावरण नहीं हो सका है। उन्होंने
चकिया में हुए लूटकांड और मुगलसराय के बैंक से गायब हुए रुपयों के बाबत
पुलिस से प्रगति की जानकारी ली। साथ ही सफेदपोश अपराध पर नियंत्रण पाने
और बिहार राज्य के समीपवर्ती जिले के पुलिस अधिकारियों संग अच्छे तालमेल
स्थापित करने की बात कही।
ताकि अपराध पर नियंत्रण पाया जा सके। कहा कि
पंचायत चुनाव के बाद अपराधी सक्रिय हो सकते हैं। ऐसे लोगों पर विशेष नजर
रखनी होगी। साथ ही जेल से छूटे अपराधियों की गतिविधियों पर भी ध्यान देना
होगा। जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव के बाबत निर्देश दिया कि चुनाव में किसी
के भी साथ भेद-भाव न करें।
चेतावनी देते हुए कहा कि यदि पक्षपात करने की
शिकायत मिली तो थानाध्यक्ष पर एसपी स्तर से तत्काल निलंबन की कार्रवाई की
जाएगी। जिला पंचायत सदस्यों को डराने-धमकाने वालों के विरुद्घ फौरी
कार्रवाई की बात कही।
कहा कि किसी भी सदस्य को प्रलोभन देने, धमकाने या
उठाने की शिकायत नहीं आनी चाहिए।
उन्होंने सभी थानाध्यक्षों को पशु तस्करी
रोकने के कड़े निर्देश दिए। कहा कि यदि किसी थाना क्षेत्र में पशु
तस्करी की शिकायत मिली तो संबंधित थानाध्यक्ष को तत्काल हटा दिया जाएगा।
इस अवसर पर एसपी अमित वर्मा, साजिद सिद्दीकी, विनोद यादव, रामप्रगट यादव,
अवधेश सिंह आदि रहे।