पीडीडीयू नगर। नगर पालिका पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर क्षेत्र में नाली, खड़ंजा, सड़क निर्माण को ढाई करोड़ रुपये के कार्य धन के अभाव में रूके पड़े है। 14वें वित्त से नगर पालिकाकर्मियों के वेतन का भुगतान कर दिया गया। इसके बाद 15 वें वित्त के लागू होने के बाद उम्मीद जगी की कार्य को गति मिलेगी, लेकिन इसमें पड़े 2.77 करोड़ के इस्तेमाल पर शासन ने पहले रोक लगा दी। अब शासन इन रुपयों को वापस लेने की तैयारी में जुटा है। पुराने कार्य धन का इंतेजार में रुके हुए हैं वहीं नए कार्य के लिए भी योजना नहीं बन पा रही है।
कोरोना काल ने जहां व्यापारियों की कमर तोड़ रख दी है। वहीं इसका असर सरकारी कोष पर भी पड़ने लगा है। धन के अभाव में नगर पालिका पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर क्षेत्र में निर्माण से जुड़े विकास कार्य रूक गए है।
नगर पालिका की ओर से 14 वें वित्त से चार करोड़ 13 लाख 57 हजार रुपये का टेंडर कराया गया था। जिसमें सड़क, नाली, खड़ंजा का निर्माण कराया जाना था। इस दौरान कुछ कार्य हुआ था कि तब तक शासन की ओर से 14वें वित्त से नगर पालिका कर्मचारियों के वेतन का भुगतान किए जाने का आदेश आ गया। इसके बाद 14वें वित्त से लगभग ढाई करोड़ रुपये व शेष राशि लगभग पचास लाख रुपये राज्य वित्त को मिला नगर पालिका कर्मियों के दो माह का लगभग तीन करोड़ का भुगतान किया गया। इसके चलते टेंडर के बावजूद कार्य रुक गए। कुछ दिनों बाद नगर पालिका को 15 वें से दो करोड़ 77 लाख रुपये प्राप्त हुए। अधिकारियों में उम्मीद जगी कि अब इस राशि से विकास के कार्य शुरू हो जाएंगे। शासन ने इस मद में पड़े रुपये को निकाले पर रोक लगा दी। अब शासन इन रुपयों को भी वापस लेने तैयारी में जुटा है।
वहीं दूसरी तरफ नगर पालिका के सामने कर्मचारियों के तनख्वाह का भुगतान किए जाने की समस्या फिर से खड़ी हो गई। इस बार शासन की ओर से तनख्वाह के नाम पर सिर्फ 99.98 लाख रुपये ही आये हैं जबकि प्रत्येक माह एक करोड़ 45 लाख रुपये का भुगतान बतौर वेतन किया जाता है।
पीडीडीयू नगर। नगर पालिका के पास धन नहीं होने की भनक लगते ठेकेदारों ने भी कार्य रोक दिया है। 14वें के मद से हुए टेंडर का कार्य पूरा होने के बाद धन अभाव में पेमेंट नहीं होने का भय ठेकेदारों को सता रहा है। सरकारी कोष के खाली होने से कार्य विकास कार्य पूरी तरह से रूक गया है। संवाद
14 वें वित्त से वेतन का भुगतान हो चुका है। वहीं 15वें वित्त पर रोक के बाद उसमें पड़े रुपये के लिए शासन से स्वीकृति नहीं है। शासन से धन मिलते ही निर्माण से जुड़े सभी विकास कार्य पूरे करा दिए जाएंगे। - संतोष खरवार, चेयरमैन, नगर पालिका पीडीडीयू नगर