प्रदेश के सर्वाधिक पिछड़े इलाके के विकास के लिए पूर्वांचल राज्य का गठन
जरूरी है। देश में इससे कम जनसंख्या वाले इलाकों को राज्य का दर्जा दिया जा
चुका है।
ऐसे में साफ प्रतीत होता है कि इस क्षेत्र के साथ केंद्र
और प्रदेश सरकार उपेक्षा का रवैया अख्तियार किए हुए है। ये बातें
पूर्वांचल राज्य जनांदोलन की बैठक में उप प्रांतीय संयोजक एवं युवा आंदोलन
के प्रांतीय प्रभारी दीपक त्रिपाठी ने कहीं। दीपक त्रिपाठी ने कहा कि अगर
संसाधनों व जनसंख्या की बातें करें तो कुछ ही राज्य हमसे उपर हैं।
पूर्वांचल के लोगों की प्रतिभा व उनके काम करने की क्षमता किसी से छिपी
नहीं है।
पूर्वांचल राज्य जनांदोलन के जिला उपसंयोजक व पिछड़ा वर्ग आंदोलन
के जिला प्रभारी हरवंश पटेल ने कहा कि जो लोग आज सत्ता में बैठे में
उन्हें सिर्फ सैफई व इटावा दिखता है,जबकि हमारा पूर्वांचल पिछड़ता जा रहा
है।
बैठक में पूर्वांचल राज्य की मांग को लेकर हस्ताक्षर अभियान चलाने और
जगह-जगह सेमिनार आयोजित करने का निर्णय लिया गया। 27 दिसंबर को जिला
मुख्यालय पर होने वाली बैठक के बाद जिलाधिकारी को पत्रक देने का निर्णय
हुआ। बैठक में भूपेन्द्र प्रताप सिंह,अच्छे लाल राजभर,चन्द्रकेतु यादव,अमित
कुमार, ज्ञानेन्द्र कुमार सिंह,अरुण कुमार आिद रहे।