उसमें यतेंद्र समेत कुल 11 लोग सवार थे। दो लोगों को हेलीकॉप्टर की मदद से रेस्क्यू कर बचा लिया गया। जबकि नौ अन्य अभी तक लापता हैं। धानापुर के हिंगुतरगढ़ निवासी और प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक रहे स्व. सुरेंद्र सिंह के पुत्र यतेंद्र विक्रम सिंह के घर पर चार दिनों से चूल्हा तक नहीं जला है। मां और दो भाई शैलेंद्र विक्रम और धीरेंद्र विक्रम सदमे में हैं।
मर्चेंट नेवी में तैनात यतेंद्र विक्रम सिंह की पत्नी रजनी सिंह से आखिरी बात फोन पर रविवार की रात 12 बजे हुई थी। यतेंद्र ढाई महीने पहले अपने परिवार में एक शादी में शामिल होने आए थे। उसी दौरान उन्होंने वाराणसी के सुसवाही स्थित अपने नए मकान में सामान शिफ्ट किया था। उनकी दो बेटियां हैं। बड़ी बेटी पांच साल और छोटी बेटी दो साल की है।