पीडीडीयू नगर। केंद्र व प्रदेश सरकार के तमाम प्रयास के बाद भी प्लास्टिक के प्रयोग धड़ल्ले से हो रहा है। सामान खरीदने के लिए लोग भी बिना झोला और थैलों के घरों से निकल जा रहे है। वहीं दूसरी सहूलियत के लिए दुकानदार पॉलीथिन में सामान भरकर ग्राहकों को बेच रहे है। पॉलीथिन के इस्तेमाल से होने वाले नुकसान के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से हर वर्ष तीन जुलाई को इंटरनेशनल प्लास्टिक बैग फ्री डे मनाया जाता है। बावजूद इसके लोग प्रतिबंधित पॉलीथिन के इस्तेमाल से परहेज नहीं कर रहे है।
प्लास्टिक के बढ़ते इस्तेमाल ने पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा पैदाकर दिया है। इसके बाद भी लोग पॉलिथीन का प्रयोग बंद नहीं कर रहे हैं। सरकारें इसके इस्तेमाल पर कानूनी रोक लगा कर भी इसका प्रसार रोक नहीं पा रही हैं। प्रशासन कुछ दिन तो इसके खिलाफ कार्रवाई करती है लेकिन कुछ दिनों बाद सब शांत हो जाता है।
पीडीडीयू नगर। प्रतिबंधित पॉलिथीन में बिक्री करने वालों के खिलाफ पिछले वर्ष जिलें में लगातार कार्रवाई की गई थी। लगभग दो सौ लोगों को चालान कर लगभग दस लाख रुपये जुर्माना वसूल किया जा चुका है। वर्ष 2020 में कोरोना संक्रमण के कारण अब तक प्रशासन की ओर से पॉलीथिन बिक्री पर एक भी कार्रवाई नहीं की गई है। संवाद
पीडीडीयू नगर। प्रतिबंधित पॉलिथीन पर रोक के बावजूद लोग धड़ल्ले से उसका इस्तेमाल कर रहे है। इस पर रोक तब तक नहीं लगेगी जब तक सभी लोग इसके लिए जागरूक नहीं होंगे। नगर में महिलाओं ने कहा कि पर्यावरण को बचाने के लिए हर रोज तमाप उपाय किए जा रहे है लेकिन पॉलीथिन के इस्तेमाल पर रोक नहीं लग पा रही है। जबकि पर्यावरण को यह भी काफी नुकसान पहुंचाता है। ऐसें में सभी को चाहिए की पॉलीन का इस्तेमाल न करें। वहीं महिलाओं ने मांग की कि इस तरह के पॉलीथिन के प्रोडक्शन पर ही बैन लग जाना चाहिए ।
पीडीडीयू नगर के कैलाशपुरी निवासिनी रीता यादव ने कहा कि पॉलिथीन पर रोक के लिए नियम तो बना दिया गया है लेकिन सख्ती से इसका पालन नहीं हो पा रहा है। अधिकारियों के सुस्त रवैये के चलते पॉलीथिन के इस्तेेमाल पर रोक नहीं लग पा रही है। रविनगर निवासिनी कोमल गुप्ता ने कहा कि प्लास्टिक एक नॉन बायोडिग्रेडेबल पदार्थ है। कहा कि यह खराब होकर टूट जाता है लेकिन मिट्टी में नहीं मिलता है। जिससे यह वर्षो तक पर्यावरण में मौजूद रहता है। कैलाशपुरी निवासिनी लक्ष्मी सेठ ने कहा कि पॉलिथीन के इस्तेमाल पर रोक के लिए सरकारों को चाहिए कि इसके प्रोडक्शन पर ही रोक लगा दे। जब प्रतिबंधित पॉलिथीन का प्रोडक्शन नहीं होगा तो वह बाजार में नहीं आएगा और लोग इसका इस्तेमाल नहीं हो सकेगा। मवई खुर्द निवासी लीलावती देवी ने कहा कि लोगों को चाहिए की घर से झोला या थैला लेकर ही सामान खरीदने जाएं। वहीं दुकानदारों को भी चाहिए की जो झोला लेकर न आए उसे सामान नहीं दें।