शिकारगंज। मांगों के समर्थन में भारत की कम्युनिस्ट पार्टी ( मार्क्सवादी - लेनिनवादी ) व सहयोगी जन संगठनों ने मंगलवार को प्रतिरोध मार्च किया। बलिया कला से शुरू हुआ मार्च जोगिया कला बैराठ फार्म की सीमा तक पहुंचा। यहां पुलिस ने मार्च को रोक दिया। इसके बाद नेताओं ने प्रशासन के खिलाफ खूब नारेबाजी की।
इस दौरान भाकपा (माले) जिला सचिव अनिल पासवान ने कहा कि बैराठ फॉर्म की जमीन को गरीब भूमिहीनों में बांटना होगा, तहसील प्रशासन के मना करने के बावजूद दबंग की ओर से खेती कैसे हुई तहसील प्रशासन को इसका जवाब देना होगा। इस दौरान राजा के पक्ष में आए फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील करने, बैराठ फॉर्म की जमीन के संबंध में सीलिंग प्रक्रिया फिर से शुरू करने की मांग की। माले नेता ने मांग करते हुए कहा की लंबे समय से चले आ रहे बैराठ फार्म की जमीन के विवाद को हल करने की दिशा में ठोस कदम उठाया जाए। सभा को भाकपा (माले) राज्य कमेटी सदस्य विजई राम, किसान महासभा जिला अध्यक्ष श्रवण कुशवाहा, इंकलाबी नौजवान सभा प्रदेश अध्यक्ष ठाकुर प्रसाद, इंकलाबी नौजवान सभा जिला काउंसिल सदस्य रमेश चौहान, सुनैना कुमारी, विदेशी राम, कैलाश राम आदि शामिल रहे। दूसरी तरफ बैराठ फॉर्म में आम किसानों की समस्याओं को लेकर भाकपा माले के प्रतिरोध मार्च के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए मंगलवार को बैराठ फॉर्म में पुलिस और पीएसी का कड़ा पहरा रहा। एसडीएम ने आंदोलनकारी से वार्ता की और 22 अगस्त को द्विपक्षीय वार्ता के जरिए समस्या का हल निकालने का आश्वासन दिया। एसडीएम विनय कुमार मिश्रा ने कहा कि बैराठ मामले को लेकर 22 अगस्त को चकिया तहसील कार्यालय में द्विपक्षिय वार्ता के लिए दोनों पक्षों को बुलाया गया है।