उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में बेटियों ने फिर मिसाल कायम किया। मां के निधन पर बेटे का फर्ज निभाते हुए बड़ी बेटी राधा यादव ने मां की अर्थी को कंधा दिया और बाद में मणिकर्णिका घाट पर मुखाग्नि भी दी। यह देख सभी की आंखें नम हो गईं।
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ये है मामला
तियरा गांव के होल्लर यादव व भागमनी देवी से दो बेटियां राधा यादव व अनुकृति यादव हैं। कोई बेटा नहीं है। भागमनी देवी का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। निधन के बाद गम में डूबी बेटियों ने खुद आगे आकर बेटे का फर्ज निभाते हुए मां की अर्थी को कंधा दिया। साथ ही श्मशान घाट में ग्रामीणों के साथ पहुंचकर अंतिम संस्कार की सभी औपचारिकताएं पूरी कीं। इसके बाद बड़ी बेटी ने चिता को मुखाग्नि दी।
बेटियों ने गम में डूबे पिता होल्लर को ढाढ़स बंधाते हुए कहा कि दोनों बहनें उन्हें बेटे की कमी कभी भी महसूस नहीं होने देंगी। बेटियों ने बेटे की भांति मां का अंतिम संस्कार कर मिसाल पेश की है। बेटियों ने तेरहवीं भोज को एक दिखावा और फिजूलखर्ची मानते हुए इसका बहिष्कार करते हुए आठ मई को श्रद्धाजंलि सभा का आयोजन किया है। इसकी क्षेत्र में खूब चर्चा हो रही है।