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मर्चेंट नेवी का काम छूटा तो शुरू की डेयरी, बनाई जैविक खाद

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पीडीडीयू नगर। नगर के पटेलनगर निवासी मर्चेंट नेवी में इंजीनियर छुट्टी में घर लौटा तो लॉक डाउन में काम पर वापस नहीं जा सका। ऐसे में उसने डेयरी खोली और दूध बेचने के साथ ही गोबर से खाद बनाना शुरू शुरू किया। आज स्वयं के साथ एक दर्जन लोगों को इंजीनियर विपिन ओझा ने नौकरी दी है।
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पटेलनगर निवासी विपिन ओझा मर्चेंट नेवी में इंजीनियरिंग की नौकरी करते थे। पिछले वर्ष वे छुट़्टी लेकर घर आए और छह माह जब जाने की तैयारी करने लगे तभी लॉकडाउन की घोषणा हो गई। इससे वे मुंबई काम पर नहीं जा सके। विपिन के बड़े भाई विजय ओझा हिनौली गांव में डेयरी चलाते है। विपिन काम पर नहीं जा सके तो डेयरी पर पहुंच कर फेेंक दिए जाने वाले गोबर से जैविक खाद बनाने की शुरूआत की। कई जगह घूम कर उन्होंने जानकारी हासिल की। इसके बाद उन्होंने वर्मी कंपोस्ट बनाना शुरू किया। चैंबर पॉली बैग से बनाया और केचुआ लखनऊ से खरीद कर लाए। लगभग 50 हजार का केचुआ इसमें डाले। अब लगभग 30 कुंतल खाद हर महीने तैयार होता है। विपिन ओझा का प्रयास रंग लाया। आज उन्हें न केवल इस काम के लिए पहचान मिली बल्कि मुनाफा भी हो रहा है। विपिन कहते हैं कि वर्मी कम्पोस्ट खाद लोग गमलों में, किसान सब्जियों के लिए व पौधों के लिए ले जा रहें हैं। काम बढ़ा तो छह हजार रुपये प्रति माह पर कई कर्मचारी रख लिया है। वे डेयरी और जैविक खाद दोनों का काम देखते हैं।
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