15 फरवरी को कर्बला के समीप मकान जमींदोज होने की घटना में प्रशासन शनिवार को पीड़ित परिवार को सहायता राशि का चेक देने पहुंचा।
जहां पीड़ित परिवार ने सहायता राशि कम बताकर लेने से इंकार कर दिया वहीं झारखंड के चार परिवार और वाराणसी के दो परिवार ने दो-दो लाख रुपये के चेक स्वीकार कर लिया।
पीड़ित परिवार का आरोप रहा कि जो सहायता राशि दी जा रही है वह काफी कम है। उन्होंने अपने परिवार के मृत हुए सात लोगों के लिए 14 लाख रुपये की मांग की।
दुलहीपुर कर्बला के समीप मकान जमींदोज की हुई घटना में सात परिवारों के 13 लोगों की मौत हो गई थी। जिसमें चार लोग झारखंड के, दो वाराणसी के तथा एक स्थानीय रहे।
घटना में स्थानीय पीड़ित परिवार कमरुल हसन के दो पुत्रों अलमगार और गमखार तथा दोनों की पत्नियां बच गई थीं। परिवार के शेष लोगों की मकान में दबकर मौत हो गई थी।
शनिवार को अपराह्न साढ़े चार बजे प्रशासन की तरफ से सदर एसडीएम गिरीश कुमार शर्मा पीड़ित सात परिवारों को आर्थिक मदद देने दुलहीपुर कर्बला (शकूर का भट्ठा) पहुंचे। आर्थिक मदद की बात सुनकर पीड़ित परिवार ने पहले तो सुकून महसूस किया लेकिन जब उन्हें मालूम चला कि उन्हें मात्र दो लाख रुपये की सहायता राशि दी जा रही है तो उन्होंने उसे लेने से इंकार कर दिया। अन्य पीड़ित परिवारों ने सूचना मिलने पर चेक लेने की स्वीकारोक्ति दी। झारखंड के पीड़ित परिवार को सोमवार को चेक प्रदान होगा।