टांडाकला। स्थानीय ग्रामसभा स्थित गंगा नदी पर बने पीपा पुल को सुरक्षित बनाने के लिए लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के निर्देश पर कर्मचारियों ने ‘कुशनिंग’ का कार्य शुरू कर दिया है। पुल की लकड़ी के स्लीपर के बीच बढ़ी दूरी और गाड़ियों के गुजरने पर होने वाले तेज आवाज को देखते हुए विभाग ने यह कदम उठाया है। टांडाकला पीपा पुल से जब भी चार पहिया वाहन गुजरते हैं तो लकड़ी की बालियों में गैप होने के कारण पुल हिलने लगता है और तेज आवाज आती है। इससे न केवल पैदल यात्रियों और बच्चों के पैर फंसने का डर बना रहता था, बल्कि दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है। ग्रामीणों की मांग पर लोक निर्माण विभाग के उच्चाधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मरम्मत के निर्देश दिए।
इस बीच सोमवार को घाट दरोगा बीना सिंह की मौजूदगी में लोक निर्माण विभाग की टीम ने निरीक्षण किया। टीम के निर्देशानुसार कर्मचारी लोहे की पटरी के बगल में स्थित बड़े गैप (फांक) को कपड़े और घास से भरकर कुशन तैयार कर रहे हैं। इसके ऊपर बालू डालकर और पानी का छिड़काव कर इसे मजबूती दी जा रही है। इस तकनीक से पुल पर होने वाला आवाज पूरी तरह समाप्त हो जाएगा और राहगीरों को झटका नहीं लगेगा। इस संबंध में लोक निर्माण विभाग के अपर अभियंता बीके सिंह का कहना है कि विभाग यात्रियों की सुरक्षा के प्रति कटिबद्ध है। पीपा पुल से अत्यधिक आवाज आने की शिकायत पर सर्वे कराया गया था। वर्तमान में कुशनिंग का कार्य चल रहा है। इससे पुल की आवाज बंद हो जाएगी और पैदल व वाहन यात्रियों के लिए सफर सुविधाजनक होगा।