सावन के दूसरे सोमवार की सुबह जहां झमाझम बरसात हो रही थी, वहीं भोले के भक्त मंदिरों में बेलपत्र धतूरा और जल चढ़ाने पहुंच गए। जिले के विभिन्न मंदिरों में हर तरफ बस बोल बम के जयकारे ही गूंजते रहे। बारिश का श्रद्धालुओं पर कोई असर नहीं दिखा। दर्शन-पूजन का सिलसिला सुबह से देर शाम तक चलता रहा। उत्साहित भक्त हर हर महादेव के जयकारे लगाते रहे। सकलडीहा स्थित कालेश्वरनाथ और हेतिमपुर स्थित जागेश्वरनाथ धाम सहित ग्रामीण क्षेत्र के मंदिरों में भी श्रद्धालुओं का रेला लगा रहा। घरों में भी लोगों ने सुख, शांति और समृद्धि के लिए रुद्राभिषेक कराया।
पौ फटते ही दर्शन पूजन का जो सिलसिला शुरू हुआ, वह देर शाम तक चलता रहा। कोई शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ा रहा था तो कोई दूध और भांग, धतूर चढ़ाकर शिव को प्रसन्न करने में लगा था। कई मंदिरों में भक्तों ने भोलेनाथ का दुग्धाभिषेक व रुद्राभिषेक भी किया। सभी भक्तगण भगवान के दर्शन के लिए लालायित थे। शिवालयों में व्रतियों की भारी भीड़ देखने को मिली। महिलाएं भी मंदिर में मौजूद रही। मुख्यालय स्थित मां काली मंदिर, महावीर मंदिर, श्री राम जानकी शिव मठ मंदिर, कोट स्थित शिव मंदिर सहित ग्रामीण अंचलों में स्थित विभिन्न मंदिरों में दर्शन पूजन को श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। जनपद से काफी संख्या में श्रद्धालु बोल बम और काशी विश्वनाथ के दर्शन करने गए थे। वहीं पुलिस प्रशासन ने भी मुस्तैदी बरती। मंदिरों के आस-पास सुरक्षा व्यवस्था भी जिला प्रशासन की ओर तगड़ी रही।