आईजी वाराणसी जोन दीपक रतन ने मंगलवार को पुलिस लाइन में विभागीय अधिकारियों संग बैठक कर कानून व्यवस्था पर चर्चा की और अपराध की समीक्षा की। कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्ती शासन की प्राथमिकता में शामिल है। इसपर प्रत्येक दशा में अमल होना चाहिए।
उन्होंने अपराधियों के खिलाफ सख्ती बरतने और रमजान माह में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखने के भी निर्देश दिए। अंत में एसपी और सीओ के साथ निलंबित एआरटीओ आरएस यादव के मामले में की जा रही विवेचना की भी जानकारी ली।
आईजी ने कहा कि अपराध अपराध होता है इसे छोटे या बड़े अपराध की श्रेणी में न बांटे। छोटे अपराधों को भी गंभीरता के साथ लें और ऐसे मामलों में लिप्त अपराधियों के साथ सख्ती करें।
उन्होंने कहा कि दो पहिया वाहन पर तीन सवारी और काली फिल्म के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई करें। पुलिस अधीक्षक को सख्त निर्देश दिया कि किसी भी दशा में अपराध का फर्जी खुलासा न हो। इसके लिए एसपी के साथ ही अन्य पुलिस अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की। कहा कि जो पुलिस अधिकारी अपराध केे दौरान मौके पर पहुंचता है उसकी जिम्मेदारी होगी कि मामले का सही खुलासा हो। बैठक दौरान आईजी ने अपराध रजिस्टर को देखा और सगीन अपराधों की समीक्षा की। उन्होंने हत्या और लूट जैसे मामलों का त्वरित खुलासा करने का निर्देश भी किया। निर्देश दिया कि आगामी पर्वों को देखते हुए पुलिस पूरी तरह से मुस्तैद रहे। संवेदनशील स्थानों पर विशेष चौकसी बरती जाए। इस अवसर पर एसपी संतोष कुमार सिंह, सीओ त्रिपुरारी पांडेय, अश्वनी चतुर्वेदी आदि रहे।