मुगलसराय तहसील में दस्तावेज पर हस्ताक्षर कराने के मामले को लेकर मंगलवार को लेखपाल व अधिवक्ताओं में विवाद हो गया। विवाद बढ़ा तो दानों पक्षों में मारपीट हो गई जिसमें लेखपाल रितेश पांडेय गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्होंने चार अधिवक्ताओं के खिलाफ अलीनगर थाने में मारपीट व छिनैती की तहरीर दी।
वहीं अधिवक्ता शैलेंद्र कुमार ने तहसीलदार लालता प्रसाद, नायब तहसीलदार नीलम तिवारी, लेखपाल शैलेंद्र व शंकर सिंह, इंद्र प्रकाश मिश्रा व रितेश पांडेय के खिलाफ जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करने के साथ गाली गलौज व रिश्वत मांगे जाने का आरोप लगाते हुए थाने में तहरीर दी है। पुलिस मामले की जांच पड़ताल कर रही है।
घायल लेखपाल रितेश पांडेय ने बताया कि वे तहसील सभागार में निर्वाचन संबंधी विभागीय बैठक के बाद तहसील भवन से बाहर निकल रहे थे। उसी समय अधिवक्ता सुभाष सोनकर, शैलेंद्र कुमार, ओमप्रकाश बादल व कमलेश नेमारपीट कर उन्हें घायल कर दिया व सरकारी दस्तावेजों को भी फाड़ दिया। वहीं उसकी सोने की चैन वढाई हजार रुपये कीमत की कलाई घड़ी छीन ली और जान से मारने की धमकी दी।
वहीं दूसरी ओर अधिवक्ता शैलेंद्र कुमार का आरोप था कि लेखपाल रितेश पांडेय किसी दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने के लिए उनसे रिश्वत की मांग कर रहे थे। रिश्वत देने से इंकार करने पर उनके साथ मारपीट की गई है। घटना के बाद दोनों पक्ष के लोग थाने पहुंच गए और तहरीर दी। इस संबंध में नायब तहसीलदार ने बताया कि अपराह्न तीन बजे दोनों पक्षों में बहस हुई थी।
इसके बाद दोनों पक्षों के लोगों को बुलाकर समझौता करा दिया गया था। बावजूद इसके देर शाम दोनों आपस में भिड़ गए। इस संबंध में सीओ त्रिपुरारी पांडेय ने बताया कि दोनों पक्षों की तहरीर पर जांच पड़ताल की जा रही है।