चंदौली। फर्जी दरोगा बनकर लोगों को ठगने वाले बिहार निवासी एक युवक व उसके दो साथियों को फर्जी नंबर वाला चार पहिया वाहन के साथ कोतवाली पुलिस ने रविवार की रात लीलापुर के पास से गिरफ्तार किया। उसके पास से बिहार पुलिस की वर्दी तीन मोबाइल बरामद हुआ। वह यही वर्दी पहन कर लोगों ठगता था। वह उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल में लगभग 70 घटनाओं को अंजाम दे चुका है।
पुलिस लाइन में मामले का खुलासा करते हुए क्षेत्राधिकारी सदर प्रदीप चंदेल ने बताया कि मुख्यालय के वार्ड नंबर छह निवासी सोनू कुमार ने रविवार को सदर कोतवाली में तहरीर दी कि तीन लोग उससे मिले, जिसमें एक व्यक्ति ने पुलिस की वर्दी पहनी थी। कहा कि वह बिहार पुलिस से जुड़े हैं और उनका स्थानांतरण हो चुका है। वह अपना चार रसोई गैस सिलेंडर बेचना चाहते हैं। ऐसा कह कर उन्होंने सोनू से पांच हजार रुपये ले लिए और गाड़ी में बैठ भाग निकले। पुलिस तत्काल घेरेबंदी की और लीलापुर के पास से उनको पकड़ लिया। उनके पास से बिहार पुलिस की वर्दी, पांच हजार रुपये नगद, फर्जी नंबर प्लेट और तीन मोबाइल फोन भी बरामद हुआ। पूछताछ में उन्होंने ठगी की विभिन्न घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। सीओ ने बताया कि पकड़ा गया जालसाज राजेश रंजन झा निवासी बैजानी थाना राजोस बिहार का रहने वाला है जबकि उसके दो साथी सुरंजन कुमार बजार समिति और रितेश गिरी भरतपुरा बिहार निवासी हैं।