पीडीडीयू नगर। स्थानीय कोतवाली क्षेत्र के दुलहीपुर में 31 दिसंबर की रात एक युवक का शव पाया गया था। सोशल मीडिया पर मृतक का शव वायरल होने के बाद मंगलवार को उसकी शिनाख्त मिर्जापुर के ओमप्रकाश के रूम में हुई। थाने पर पहुंचे उसके परिजनों ने ससुराल पक्ष पर हत्या का आरोप लगा है। जबकि ससुराल पक्ष के लोगों का कहना था कि युवक की मौत सड़क दुर्घटना में हुई है।
मिर्जापुर जिले के मीरपुर, जमालपुर निवासी ओमप्रकाश के पिता सरजू ने बताया कि उसके पुत्र की शादी वर्ष 2012 में दुलहीपुर निवासी लालचंद की पुत्री मीरा से हुई थी। शादी के कुछ वर्ष बाद दोनों को एक पुत्र हुआ। इसके बाद पति-पत्नी में अनबन होने लगी। पिछले कुछ माह से मीरा मायके में ही रह रही थी। घटना वाले दिन 31 दिसंबर को वह ससुराल गई और पति को लेकर मायके चली आई। उसी दिन रात के लगभग आठ बजे ओमप्रकाश जीटी रोड के किनारे मृत मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस उसके शव को कोतवाली ले आई। यहां उसकी शिनाख्त का प्रयास किया पर सफलता नहीं मिली। इसपर पुलिस ने शव का फोटो खींचकर अंतिम संस्कार करा दिया। पुलिस के अनुसार ओमप्रकाश की मौत किसी वाहन के धक्के से हुई थी। घटना में नया मोड़ तब आया जब पुलिस द्वारा शिनाख्त के लिए सोशल मीडिया पर मृतक का फोटो वायरल किया गया। फोटो से शव को पहचान कर सरजू व उसके अन्य परिजन थाने पहुंच गए और मीरा के घर वालों पर ओमप्रकाश की हत्या का आरोप लगाने लगे। वहीं मीरा के घरवाले इसे दुर्घटना में हुई मौत ही बता रहे थे। सीओ प्रदीप सिंह चंदेल ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।