चंदौली। अलीनगर पुलिस के हत्थे चढ़े दो बदमाशों ने गुरुवार को माइक्रो फाइनेंस कंपनी के एजेंटों से लूट की योजना बनाई थी। वे अपनी योजना में कामयाब होते कि ग्रामीणों के सहयोग से डायल 100 और अलीनगर पुलिस के हत्थे चढ़ गए। दोनों बदमाशों के पास से पास से अवैध असलहा व दो मोटरसाइकिल बरामद हुआ है। शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह ने पत्र प्रतिनिधियों से वार्ता के दौरान बताया कि यह दोनों सदस्य जिले में छोटे-छोट लूट व उच्चकागिरी को अंजाम देने का कार्य करते है। इसमें पिछले दिनों बैंक आफ बड़ौदा से 29 हजार रुपये निकाल कर घर जा रहे फेसुड़ा गांव निवासी मारकंडे राम से झोला छीन कर भागने की घटना शामिल है।
एसपी संतोष कुमार सिंह ने बताया कि इसके साथ ही मार्च माह में एक लाख रुपया कि छिनैती कर लैपटाप आदि को गंगा नदी में फेकने की बात दोनों ने स्वीकार की है। गंरुवार को यह दोनों सदस्य माइक्रोफाइनेंस के एजेंटो को निशाना बनाने की नियत से कुरहना गांव में नकाबपोशी कर पहुंचे थे। जब तक यह लोग घटना को अंजाम देते इसके पूर्व ही ग्रामीणों ने इसकी सूचना डायल 100 को दे दिया। डायल 100 की सूचना के बाद मौके पर पीआरबी के लोग वाहन से पहुंच गए। वहीं लोकेशन के आधार पर अलीनगर पुलिस को भी लगाया गया। चारो तरफ से पुलिस से घिरे होने के बाद ग्रामीणों का हौशला बुलंद हुआ। ग्रामीणों इन सभी को भागने की नियत को असफल कर दिया। उन्होंने बताया कि बलुआ थाना क्षेत्र के बीसूपुर गांव निवासी तीन सदस्यों की टीम इस प्रकार की उच्चकागिरी का कार्य करते हैं। इसमें अवनीश सिंह पुत्र मुरारी व संदीप प्रजापति पुत्र रामजग शुक्रवार को अपाचे वाहन से नकाब लगाकर कुरहना गांव में चक्रमण कर रहे थे। ग्रामीणों की मदद से पकडे जाने के बाद जब पूछताछ हुआ तो यह सभी वाराणसी कैंट से एक वाहन चोरी करने की बात स्वीकार किये। इसके साथ जिस वाहन से घटना का अंजाम देने वाले थे। उसे किसी रिश्तेदार के नाम पर किश्त पर लिये थे। इनके निशानदेही के बाद पुलिस ने दोनों वाहनों को तथा पिछले दिनों फेसुडा गांव निवासी मारकंडे लूटे गये झोले में रखे पासबुक को भी बरामद किया है।