सुल्तानपुर से चार बोरे में तस्करी के लिए पश्चिम बंगाल ले जाये जा रहे 155
कछुओं को मंगलवार की देर रात्रि एक बजे प्लेटफार्म संख्या एक और दो के बीच
से जांच के दौरान जीआरपी के जवानों ने बरामद किया।
इस दौरान एक
तस्कर भी पुलिस के हत्थे चढ़ गया। जीआरपी प्रभारी त्रिपुरारी पांडेय ने सभी
कछुओं को वन विभाग की टीम को सौंप दिया, वहीं आरोपी के विरुद्ध सुसंगत
धाराओं में मामला पंजीकृत कर जेल भेज दिया।
नये वर्ष के नजदीक आते ही
मुगलसराय रेलवे स्टेशन पर गड़बड़ी फैलाने वाले संदिग्ध तत्वों की तलाश में
जीआरपी के जवान स्टेशन पर मंगलवार की देर रात गश्त कर रहे थे।
जांच के क्रम
में जीआरपी प्रभारी मय हमराही जब प्लेटफार्म संख्या एक व दो पर पहुंचे, तो
एक व्यक्ति संदिग्ध अवस्था में प्लेटफार्म पर दिखा।
पुलिस को देखते ही वह
भागने लगा। बाद में पकड़कर उसके पास एक बोरे की तलाशी ली गई। जिसमें 155
कछुए बरामद हुए।
इसके बाद जीआरपी आरोपी और कछुओं को अपने साथ कोतवाली ले
आई। जहां पूछताछ में आरोपी ने अपनी पहचान मुंशी कंजड़ निवासी पकरी थाना
पीपरपुर सुल्तानपुर बताया।
इस संबंध में जीआरपी प्रभारी त्रिपुरारी पांडेय
ने बताया कि आरोपी के कब्जे से चार बोरे में दुर्लभ प्रजाति के 155 कछुए
बरामद हुए हैं।
जिसे किसी गाड़ी से सुल्तानपुर से मुगलसराय लाया गया। यहां
से इसे कोलकाता ले जाया जा रहा था। वन विभाग की टीम को बुलाकर सभी कछुओं को
सौंप दिया गया है। वहीं इस संदर्भ में रेंजर ऑफिसर आरएफ यादव ने बताया कि
जीआरपी से प्राप्त हुए सभी कछुए दुर्लभ प्रजाति के हैं। जिन्हें सारनाथ
स्थित पुनर्वास केन्द्र भेज दिया गया।