पीडीडीयू नगर। दीपावली पर इस बार बाजार में कोलकता से लक्ष्मी-गणेश आदि मूर्तिंयां ज्यादा आई हैं। वहीं अब तक दूर रहा चीन भी लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति बनाने में हाथ आजमा रहा है। बाजार में इलेक्ट्रानिक बल्बों से सजे लक्ष्मी गणेश की मूर्ति की भी भरमार है।
जिले में दीपावली पूजन के लिए मूर्तियों का बाजार सज गया है। बाजार में इस बार कोलकाता व मथुरा की मूर्तियों का जादू सिर चढ़कर बोल रहा है। लोगों ने पूजन के लिए लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियों की खरीददारी शुरू कर दी है। इसमें कोलकाता में बनी मूर्तियों की खूबसूरती देखते ही बन रही है। मूर्ति कला में मथुरा फिर कलकत्ता विश्वविख्यात है। देश और दुनिया में यहां की बेशुमार मूर्तियां खूबसूरती का डंका उन्नाव में भी बजा रही। बाजारों के हॉल यह है कि इस दिवाली कोलकाता की मूर्तियों ने अहम स्थान बना लिया है। यह मूर्तियां फैंसी होने के कारण बाजार की शोभा बनी हैं । शहर के बीड़ी मार्केट में मूर्ति व गिफ्ट कारोबार से जुड़े निखिल गुप्ता बताते हैं कि फैंसी होने के कारण कोलकाता की मूर्तियां ज्यादा पसंद की जा रही हैं, इनके दाम भले ही अधिक है, पर वह टिकाऊ होती। इस बार ऑर्डर भी माह भर पहले से मिलने लगे थे। स्टॉक कम पड़ गए।
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मूर्ति, दाम प्रति सेट (रुपये में)
शंख वाली 60-100
गोल्डेन टच वाली 70-250
धोया मूर्ति- 40-300,
कमल आसन वाली- 100-400
बायें सूंढ की मूर्ति - 60-200
कोलकाता वाली 200-1200
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