पौधे लगाने के लिए खोदे गए गड्ढे।
11 जुलाई को होने वाले पौधरोपण अभियान में 9 लाख 61 हजार पौधों के रोपे जाने की सत्यता की जांच सेटेलाइट से होगी। जिले में पौधरोपण के साथ ही पौधों की गिनती के लिए कुल 1500 लोगों की तैनाती की गई है। जिससे यह पता चल सके कि इस अभियान में कितने पौधे लगे।
इस क्रम में सुपर जोनल मजिस्ट्रेट, जोनल मजिस्ट्रेटों की तैनाती कर लक्ष्य को शत प्रतिशत पूरा करने की तैयारी है। वहीं इस अभियान के दौरान रोपित पौधों की वास्तविक संख्या जांचने के लिए दी एनर्जी सोर्सेज इंस्टीट्यूट तथा गिनीज बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड का ह्यूमन और इलेक्ट्रानिक नेटवर्क भी तैयार है।
जिले के वन क्षेत्रों में 134 निर्धारित स्थलों पर 11 जुलाई को 9 लाख 61 हजार 225 पौधों के रोपण का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए निर्धारित स्थलों का मानचित्र जीपीएस सिस्टम पर अपलोड कर सीधे सेटेलाइट से जोड़ा जा चुका है। इसके लिए साक्ष्यों तथा आडिटरों की भारी टीम तैनात की गई है। पौधरोपण के साथ ही पौधों की गिनती शुरू होगी। इसके लिए मानव नेटवर्क हर पौधे के सामने चूना गिराएगा तथा गिनती करेगा। इसके अभिलेख भी मौके पर ही तैयार किए जाएंगे। डीएफओ मनोज सोनकर के अनुसार इस अभियान में कुल चार करोड़ 58 लाख रुपये खर्च होंगे। पौधरोपण अभियान के मुख्य कोआर्डिनेटर तथा पश्चिमी यूपी के मुख्य वन संरक्षक के. प्रवीण राव के अनुसार पौधरोपण की सारी तैयारियां कर ली गई हैं। उन्होंने शत प्रतिशत पौधरोपण का दावा भी किया।