पीडीडीयू नगर। नगर में एक अप्रैल से लागू होने वाली संशोधित कर प्रणाली का नगर पालिका के सभासदों ने बुधवार को जमकर विरोध किया। सभासदों ने नगर पालिका कार्यालय में प्रदर्शन कर संशोधित कर प्रणाली वापस लेने की मांग की। सभासदाें ने इस संबंध में जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन भी नगर पालिका के प्रभारी अधिशासी अधिकारी को सौंपा।
नगर पालिका में वर्ष 2015 से स्व कर की व्यवस्था लागू थी। इसके बाद लोगों से भवनों व खाली पड़ी भूमि पर कर वसूला जाना था। स्व कर प्रणाली के अनुसार भवन के होने वाले वार्षिक मूल्यांकन का पांच प्रतिशत गृहकर और 7.81 प्रतिशत जलकर के रूप में वसूला जा रहा था। हालांकि यह व्यवस्था पूरी तरह से लागू भी नहीं हो पाई थी कि शासन ने एक अप्रैल 2025 से संशोधित कर प्रणाली की व्यवस्था लागू कर दी। इसके तहत भवनों और खाली भूमि के होने वाले वार्षिक मूल्य पर गृहकर पांच प्रतिशत से 10 प्रतिशत कर दिया गया है। इससे शहरवासियों पर कर बोझ काफी बढ़ जाएगा। इससे नाराज होकर सभासदों ने बुधवार को नगर पालिका कार्यालय में प्रदर्शन किया। सभासद राजेश जायसवाल ने कहा कि संशोधित कर प्रणाली लागू होने से जनता पर कर का अत्यधिक भार बढ़ेगा। सभासद महेंद्र पटेल ने कहा कि जिस तरह से शासन स्तर से कर लगाया जा रहा है, उसके अनुरूप नगर पालिका को ग्रांट नहीं मिल रही है। ताकि शहर में नाली व सड़क आदि सुविधाएं सुदृढ़ हो सकें। सभासद शैलेंद्र गुप्ता ने कहा कि बढ़ी हुई कर व्यवस्था लागू होने से जनता पर बोझ बढ़ेगा। उन्होंने संशोधित कर प्रणाली वापस लेने की मांग की। इस दौरान सभासद सुरेंद्र चौहान, संतोष, पारस यादव, सुनील विश्वकर्मा के अलावा सभासद प्रतिनिधि राजकुमार कन्नौजिया, सियाराम यादव, क्यामुद्दीन आदि मौजूद रहे।