नगर पालिका परिषद जनप्रतिनिधि बोर्ड की बैठक शुक्रवार को पालिका के सभागार
में आयोजित की गई। जिसमें सभासदों के विशेष मांग के प्रस्ताव को मंजूरी दी
गई।
जिसके तहत सभासद अब एक लाख रुपये तक के विकास कार्य अपने
वार्डों में स्वयं के विवेक पर करा सकेंगे। बैठक में कई एजेंडे पर भी चर्चा
की गई और कई प्रस्तावों को पास किया गया।
सभासदों ने इस बैठक को आयोजित
करने के लिए पिछले दिनों धरना दिया था। जिस पर एसडीएम ने अधिशासी अधिकारी
को लिखित निर्देशित किया था कि 20 फरवरी को बैठक बुलाई जाय।
इस संदर्भ
में सभासदों ने नगर पालिका अधिनियम की धारा 86/2 के तहत पन्द्रह दिनों के
भीतर बैठक कराने के लिए 26 नवंबर 2014 को पत्र दिया था। जिसे अस्वीकार कर
दिया गया।
इसके बाद 14 जनवरी 2015 को 16 सभासदों ने पत्र देते हुए कहा था
कि 17 जनवरी को बैठक नहीं बुलाई गयी तो धरना दिया जायेगा। इसके बावजूद बैठक
नहीं बुलाई गयी। जिस पर सभासद 04 फरवरी को कार्यालय के समक्ष धरने पर बैठ
गये।
शाम को पहुंचे एसडीएम गिरीश कुमार शर्मा ने सभासदों की मांग पर इओ
से 20 फरवरी को बैठक बुलाने को कहा था। शुक्रवार को हुई बैठक में यह
प्रस्ताव रखा गया था कि प्रत्येक वार्ड में सभासद एक लाख रुपये तक का कार्य
संबंधित कमेटी की संस्तुति पर दस दिनों के भीतर कराकर व इसकी सूचना बोर्ड
के बैठक में प्रस्ताव के रूम में देगा, जिसको पारित किया जायेगा। इस
प्रस्ताव को बैठक में पारित किया गया। मजेदार बात यह रही कि जो सभासद पहले
उक्त एजेंडे का विरोध कर रहे थे, उन्होंने भी इसका समर्थन किया। इस दौरान
नगर में विकास कार्यो के लिए कई प्रस्ताव लाये गये थे जिसका अनुमोदन किया
गया। बैठक में आलोक सिंह, दीपमाला, सरस्वती देवी, भानू तिवार्री, महेन्द्र
पटेल, सुनील विश्वकर्मा समेत सभी वार्डों के सभासद मौजूद रहे। अध्यक्षता
चेयरमैन रेखा जायसवाल ने की।