चहनिया। ब्लॉक के महुआरी खास गांव में हैंडपंप रीबोर कराने के नाम पर बड़े पैमाने पर सरकारी धन के दुरुपयोग का मामला सामने आया है। गांव के प्रधान और सचिव द्वारा हैंडपंप रीबोर कराने की आड़ में सरकारी धन का गबन किए जाने के आरोप की पुष्टि होने के बाद प्रशासन की तरफ से सख्त कदम उठाए गए हैं। ग्राम प्रधान के खाते को सीज कर दिया गया है। सचिव से पूरी धनराशि रिकवरी कराने का आदेश दिया गया है। जांच में पता चला है कि दोनों ने 50 हजार रुपये आपस में बांट लिए थे। जिस पर डीएम ने फिर से जांच कमेटी बनाई है।
गांव निवासी राजकिशोर सिंह ने 2 अप्रैल 2022 को संपूर्ण समाधान दिवस पर ग्राम प्रधान और सचिव के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि गांव में कई हैंडपंपों को कम गहराई तक बोर कर अधिक धनराशि निकाली गई है और सरकारी धन का दुरुपयोग हुआ है। इस मामले में जिलाधिकारी निखिल टीकाराम फुंडे के निर्देश पर अपर पंचायत राज अधिकारी और जल निगम के अपर अभियंता द्वारा जांच कराई गई। जांच रिपोर्ट में यह पुष्टि हुई कि कुल 106632 रुपये की हेराफेरी की गई थी। इस गड़बड़ी को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से प्रधान के वित्तीय अधिकारों को सीज कर दिया। इसके अलावा वित्तीय अनियमितताओं का सिलसिला जारी रहने पर प्रधान के खिलाफ रिकवरी नोटिस जारी किया गया। साथ ही उनका बैंक खाता भी सीज कर दिया गया। प्रशासन की तरफ से जब दूसरी जांच कराई गई तो 50 हजार रुपये की अतिरिक्त वित्तीय अनियमितता सामने आई। जांच में पता चला कि इस धनराशि को भी प्रधान और सचिव ने आपस में बांट लिया था। इस नए खुलासे के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए इस मामले की विस्तृत जांच का आदेश दिया है। विस्तृत जांच के लिए जिलाधिकारी ने जिला विकास अधिकारी और लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। जांच टीम को एक माह के अंदर पूरी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। उधर, गांव में वित्तीय अनियमितताओं का मामला सामने आने के बाद अन्य विकास कार्यों की भी जांच की मांग उठने लगी है। प्रशासन अब इस मामले में सख्त कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। डीएम निखिल टीकाराम फुंडे ने बताया कि ग्राम पंचायत में किसी भी प्रकार की वित्तीय गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भविष्य में कोई और अनियमितता पाई जाती है, तो कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।