जिला मुख्यालय स्थित धरनास्थल पर शुक्रवार को दस सूत्रीय मांगों को लेकर
रसोइयां कर्मचारियों ने धरना दिया। इस अवसर पर रसोइयों ने प्राथमिक एवं
उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत रसोइयां कर्मचारियों की बदहाली पर
चर्चा की गई। कहा कि परिषदीय विद्यालयों में खाना बनाने वाले रसोइयों को कम
पारिश्रमिक दी जा रही है, जिससे उनके समक्ष आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया।
अंत में रसोइयों ने डीएम को मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा।
इस
अवसर पर राष्ट्रीय मध्याह्न भोजन रसोइयां फ्रंट के कोषाध्यक्ष जुल्फेकार
अली ने कहा कि वर्तमान में रसोइयों की स्थिति बन्धुआ मजदूर से भी
बदतर है। सरकार हर हाल नए सिरे से रसोइयों के चयन की प्रक्त्रिस्या को
चलाकर अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है।
रसोइयों का काम कर
रही ज्यादातर महिलाएं हैं जो अत्यंत गरीब है, जिनका शोषण किया जा रहा है।
इन रसोइयों को कानूनी सरंक्षण दिया जाना बहुत जरूरी है। राष्ट्रीय
महासचिव राम कृपाल सिंह ने कहा कि देश के प्रत्येक नागरिका को
सम्मानपूर्वक जिने का अधिकार है। रसोइयों को काम के बदले
उचित मानदेय मिलना चाहिए।
समांग किया कि प्रत्येक रसोइयों को
पांच हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय का समय से भुगतान किया जाए। कहा कि अखिलेश
सरकार मिड-डे-मील योजना को एनजीओ को देने की कवायद कर रही है, जिसका संगठन
पुरजोर विरोध करेगा। इन्हीं मुद्दों को लेकर को अगले माह विधानसभा
का घेराव किया जाएगा। मांग किया कि रसोइयों का उत्पीड़न बंद करते
हुए उन्हें उचित मानदेय दिया जाए।
इस अवसर पर जिलाध्यक्ष संदीप
कुमार सिंह, शीला देवी, उर्मिला देवी, गीता देवी, आशा देवी,
अंजू देवी, सदामी देवी, सुधा देवी,धर्मेंद्र पासवान,
दिनेश शर्मा, मुकेश सिंह आदि उपस्थित रहे।