पुलिस के अनुसार, थाना इलिया पर दर्ज प्राथमिकी में गिरफ्तार अभियुक्त से पूछताछ और उसके मोबाइल फोन की जांच के दौरान कई अहम सुराग मिले। व्हाट्सएप कॉल, चैट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर यह खुलासा हुआ कि आरक्षी सत्येन्द्र यादव (26) गोतस्करों को पुलिस गश्त, लोकेशन और सुरक्षित रास्तों की जानकारी देता था।
इस इनपुट के आधार पर प्रभारी निरीक्षक चंदौली विजय बहादुर सिंह और थानाध्यक्ष इलिया चन्दन कुमार राय के नेतृत्व में पुलिस टीम ने 12 अप्रैल 2026 को अम्बेडकरनगर जनपद के सम्मनपुर थाना क्षेत्र स्थित पलई बाजार से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी मूल रूप से अकबरपुर थाना क्षेत्र के सुडारी गांव का निवासी है और वर्तमान में चकरघट्टा थाने में तैनात था। वह पहले से ही निलंबित चल रहा था।
तस्करों से लेता था मोटी रकम
जांच में सामने आया कि आरोपी आरक्षी गोतस्करों को चंदौली बॉर्डर पार कराने में मदद करता था। वह पुलिस की गतिविधियों की सटीक जानकारी देकर उन्हें सुरक्षित रास्ता उपलब्ध कराता था, जिससे तस्करी का काम आसानी से हो सके। इसके बदले वह ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से मोटी रकम वसूलता था।
आंकड़ों में सख्ती दिखा रही पुलिस
चंदौली पुलिस की रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2025 में गोतस्करी के खिलाफ 162 मुकदमे दर्ज कर 410 आरोपियों को चिन्हित किया गया। इस दौरान 1297 गोवंश, 90 किलोग्राम गोमांस और 178 वाहन बरामद किए गए। साथ ही गैंगस्टर एक्ट के तहत 9 मुकदमों में 38 आरोपियों पर कार्रवाई करते हुए करीब 73.96 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की गई।
वहीं वर्ष 2026 में अब तक 46 मुकदमों में 127 आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 345 गोवंश और 55 वाहन बरामद किए जा चुके हैं। इसके अलावा 22.38 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की गई है, जबकि कई आरोपियों के खिलाफ गुंडा एक्ट और हिस्ट्रीशीट खोलने जैसी कार्रवाई भी की गई है।