सदर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के सदस्यों ने सोमवार को वोट बचाओ-देश बचाओ अभियान के तहत पैदल मार्च निकाला। इस दौरान उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने, उनकी गिरफ्तारी और उनके फैसलों की समीक्षा कराने की मांग की। जिलाध्यक्ष अरुण द्विवेदी ने आरोप लगाया कि पिछले 10 महीनों में दोनों निर्वाचन आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त के एकतरफा फैसलों पर 14 बार औपचारिक आपत्ति दर्ज कराई। उनके अनुसार, इन आपत्तियों में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के तहत नए मतदाताओं को जोड़ने और हटाने तथा निर्वाचन आयोग की आईटी प्रणाली को दिल्ली में केंद्रीकृत करने जैसे फैसलों पर सवाल उठाए गए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों निर्वाचन आयुक्तों को अंधेरे में रखकर चुनावों में धांधली की गई।
अरुण द्विवेदी ने केरल के पूर्व प्रमुख सचिव जीजी थॉमसन के कथित बयान का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार ने उन्हें भाजपा से लोकसभा चुनाव लड़ने और केंद्र में मंत्री बनाने का प्रस्ताव दिया था। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी भी कई बार वोट चोरी का मुद्दा उठा चुके हैं और जनता का मुख्य निर्वाचन आयुक्त पर भरोसा उठ गया है। कांग्रेसजनों ने राष्ट्रपति से मुख्य निर्वाचन आयुक्त को तत्काल पद से हटाने और उनके खिलाफ देशद्रोह के आरोप में कार्रवाई कर जेल भेजने की मांग की। इस मौके पर नियाज अहमद, विजय त्रिपाठी, रामानंद यादव, मुनीर खान, राममूरत गुप्ता, प्रताप पांडेय, गंगा प्रसाद और राजेंद्र गौतम सहित अन्य लोग मौजूद रहे।