बिजली आपूर्ति में सुधार के लिए शासन स्तर से पहल की गई है। इसके तहत ग्रामीण और नगरी क्षेत्रों में विद्युत सेवा केंद्र खोले गए हैं। साथ ही खराब ट्रांसफार्मरों को बदलने और बिजली आपूर्ति में आई गड़बड़ी को दूर करने के लिए केंद्रों पर ट्रैक्टर ट्राली भी रखी गई है। जिले में नौ सेवा केंद्र क्रियाशील कर दिए हैं। इन केंद्रों पर बिजली से संबंधित शिकायत दर्ज होगी और उसका तत्काल निदान किया जाएगा। जिलाधिकारी कुमार प्रशांत ने योजना के सही क्रियान्वयन के लिए विभागीय अधिकारियों को निर्देश भी जारी कर दिया है।
बिजली विभाग की ओर से जिले सभी ब्लॉक उपकेंद्रों पर एक सेवा केंद्र खोला गया है। साथ ही केंद्र प्रभारी और आउट सोर्सिंग के माध्यम से चार कर्मचारियों की तैनाती भी कर दी गई है, जो बिजली संबंधी समस्याओं का तत्काल निदान करने के लिए उत्तरदायी होंगे। एक्सईएन रामकुमार ने बताया कि सेवा केंद्र ट्रायल के तौर पर एक अक्तूबर से ही चलाए जा रहे हैं। संतोषजनक परिणाम मिलने के बाद इसे पूरी तरह से अमल में लाया जा रहा है।
बताया कि सेवा केंद्र का मोबाइल नंबर उपभोक्ता को दिया जा रहा है जिससे लोग किसी भी तरह की बिजली संबंधी शिकायत सेवा केंद्र पर दर्ज करा सकते हैं। प्रभारी तत्काल संबंधित जेई, एसडीओ और काल सेंटर वाराणसी को सूचित करेगा। समस्या का निराकरण होने पर भी काल सेंटर को सूचना देगा।बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में 72 घंटे में जले ट्रांसफार्मर बदले जाएंगे। प्रदेेश सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे और शहरी क्षेत्रों में 24 घंटे बिजली आपूर्ति का फरमान जारी किया है।