पीडीडीयू जंक्शन के प्लेटफार्म संख्या दो पर स्टेशन निदेशक के खिलाफ धरना देते टीटीई।
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पीडीडीयू नगर। स्थानीय रेलवे स्टेशन पर श्रमिक स्पेशल ट्रेन में खाना वितरण के दौरान किसी बात से टीटीई नाराज हो गए। नाराज टीटीई कर्मियों ने हंगामा किया। स्टेशन निदेशक को हटाने की मांग करते हुए प्लेटफार्म संख्या दो पर सीआईटी आफिस के बाहर धरने पर बैठ गए। स्टेशन निदेशक को हटाने की मांग करते हुए नारेबाजी की। मौके पर पहुंचे अधिकारियों की टीम ने समझाने का प्रयास किया लेकिन टीटीई अपनी बात पर अड़े रहे। सूचना पाकर मुख्य वाणिज्य प्रबंधक दयानंद हाजीपुर से पहुंचे। उन्होंने वाणिज्यकर्मियों को समझा बुझाकर शांत कराया। इसके बाद काम शुरू हुआ।
रेलवे स्टेशन पर श्रमिक स्पेशल ट्रेनों में खाना वितरण में अनियमितता और श्रमिकों के हंगामा के बाद सोमवार को डीआरएम पंकज सक्सेना ने रेलवे स्टेशन पर खाना पानी बांटने की जिम्मेदारी स्टेशन निदेशक हिमांशु शुक्ला को दे दिया। नई व्यवस्था के तहत प्लेटफार्म संख्या एक और दो पर आने वाले ट्रेनों में भोजन वितरण वाणिज्य कर्मी करेंगे। इसके लिए टीटीई को ड्यूटी लगाई गई। मंगलवार को दोपहर में श्रमिक स्पेशल ट्रेन में खाना वितरित किया जा रहा था। आरोप है कि इस बीच स्टेशन निदेशक ने टीटीई को अपशब्द कह दिए। इससे टीटीई नाराज हो गए और काम बंद कर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। स्टेशन निदेशक को हटाने की मांग करते हुए खूब नारेबाजी की। सूचना पाकर एडीआरएम अतुल कुमार, कमांडेंट आशीष कुमार मिश्र आदि पहुंचकर समझाने का प्रयास किया लेकिन टीटीई नहीं माने। मामले की सूचना मिलते ही ईसीआरकेयू, ईसीआरएमयू के पदाधिकारी भी मौके पर पहुंच गए और धरने में शामिल हो गए। मामला बढ़ता देख हाजीपुर से मुख्य वाणिज्य प्रबंधक दयानंद स्टेशन पर पहुंचे और टीटीई को समझा बुझाकर शांत कराया। आश्वासन दिया कि स्टेेशन निदेशक का ट्रांसफार्मर कराया जाएगा। इसके बाद टीटीई शांत हुएभ और काम शुरू किया। इस दौरान मिथिलेश कुमार सिंह, सुरेश पंजियार, विजय बहादुर, ईसीआरकेयू के केंद्रीय उपाध्यक्ष डीपी यादव, श्रीराम सिंह, एके गुप्ता रहे।
पीडीडीयू नगर। श्रमिक स्पेशल ट्रेन में खाना वितरण के दौरान हुए हंगामा के बाद छह घंटे तक स्टेशन पर धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान किसी श्रमिक स्पेशल ट्रेन में खाना पानी नहीं दिया गया। श्रमिक भूूूखे प्यासे ही स्टेशन से गए। वहीं दो बजे डिप्टी एसएस ने श्रमिक स्पेशल ट्रेनों को स्टेशन पर लेने से रोक दिया। इससे एक दर्जन से अधिक स्पेशल ट्रेने यार्ड में खड़ी रहीं।