दुलहीपुर। नियामताबाद ब्लाक के दुलहीपुर गांव स्थित प्राथमिक एवं पूर्व
माध्यमिक विद्यालय कैंपस में सोमवार को लगी जन चौपाल में खूब हंगामा हुआ।
गांव वाले मांगों से संबंधित पत्रक डीएम को देना चाह रहे थे।
पर
डीएम ने पत्रक ग्राम प्रधान को देने को कहा। जिससे ग्रामीण भड़क उठे और
डीएम के खिलाफ खूब नारेबाजी की। इस दौरान डीएम बैठक से चले गए। गौरतलब है
कि डीएम ने दुलहीपुर गांव को गोद लिया है।
दुलहीपुर प्राथमिक एवं पूर्व
माध्यमिक विद्यालय पर जन चौपाल के तहत सोमवार को जिलाधिकारी एनके सिंह
अफसरों के साथ पहुंचे। चौपाल में डीएम ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से
कुपोषित बच्चों की सूची बनाकर देने और उन्हें पौष्टिक आहार देने का निर्देश
दिया।
साथ ही इस गांव के लिए पांच सिलाई मशीन एवं प्रशिक्षित करने के लिए
ट्रेनर की भी व्यवस्था करने को कहा। सभी महिलाओं को प्रशिक्षण के उपरांत
काम दिया जाएगा और पारिश्रमिक के रूप में उन्हें एक वर्दी सिलने पर सौ
रुपये दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इसी तरह अगरबत्ती बनाने के लिए
महिलाओं को प्रशिक्षण देने के उपरांत उन्हें कार्य देकर प्रतिमाह आठ से नौ
हजार रुपये का लाभ कमाने का अवसर दिया जाएगा। डीएम ने महिलाओं को समूह
संगठन बनाकर रोजगार के लिए प्रेरित किया। इसके लिए आगामी 27 दिसंबर को कैंप
लगाकर जानकारी दी जाएगी।
इसी बीच पूर्व प्रधान विनोद सिंह के पुत्र राहुल
ने कुछ कहना चाहा, तो डीएम ने उसे बंद करा देने की चेतावनी दी। जब लोग
मांगों से संबंधित पत्रक देने लगे तो उन्होंने नहीं लिया। जिससे नाराज
ग्रामीण डीएम के विरोध में नारेबाजी करने लगे। इस बीच डीएम उठकर चले गए।
बाद में बीडीओ विजय प्रकाश सिंह ने चौपाल में मौजूद लोगों से आगामी 27
दिसंबर को प्राथमिक विद्यालय परिसर में उपस्थित होने को कहा।
इस अवसर पर
परियोजना निदेशक, शशिमौलि मिश्रा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. आरएन सिंह,
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका योजना के योगेंद्र पाठक, जिला विकास अधिकारी
बीवी सिंह, अधिशासी अभियंता जल निगम वीएन राय, ग्राम पंचायत सचिव दिनेश
सिंह, बाल विकास परियोजना अधिकारी मधुरिमा सिंह आदि मौजूद रहे।