अंतरराष्ट्रीय बाल श्रम निषेध सप्ताह के तहत शुक्रवार को सदर ब्लाॅक के सभागार में गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें बाल श्रम निषेध दिवस पर प्रकाश डाला गया। बाल श्रम के विरुद्ध जन चेतना जागृत करने पर जोर दिया गया।
इस दौरान मंडलीय सलाहकार यूनिसेफ अनिल ने बाल व किशोर श्रम (प्रतिषेध व विनियमन) अधिनियम पर चर्चा की। कहा कि बच्चों के जो अधिकार प्राप्त हैं, उन अधिकारों से उन्हें वंचित नहीं किया जा सकता। बाल श्रम प्रथा के उन्मूलन के लिए हर संभव मदद की जानी चाहिए। श्रम प्रवर्तन अधिकारी नजरे आलम ने लोगाें से बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने की अपील की। कहा कि बालश्रम रोकने के लिए समाज के हर वर्ग की सहभागिता आवश्यक है। इस दौरान बाल संरक्षण अधिकारी किशन, स्वयंसेवी संस्था के पदाधिकारी उपस्थित रहे।