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तेइस साल बाद 23 साल बाद बन कर तैयार हुआ कलेक्ट्रेट भवन

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जिला मुख्यालय स्थित नवनिर्मित कलेक्ट्रेट भवन - फोटो : CHANDAULI
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चंदौली। जिला बनने के 23 साल तक दूसरे विभागों के बिल्डिंग में बैठकर जनता की समस्या सुनने वाले जिलाधिकारी का जल्द ही अपना आलीशान कार्यालय होगा। जिला मुख्यालय पर कलेक्ट्रेट भवन का निर्माण कार्य करा रहे राजकीय निर्माण निगम ने लगभग काम पूरा कर लिया है। अब बस इसके लोकार्पण का इंतजार है। उम्मीद है कि अप्रैल माह में कार्यदायी संस्था नए कलेक्ट्रेट भवन को हैंडओवर कर देगी ओर नए वित्तीय वर्ष से हाकिम खुद के कार्यालय में बैठेंगे।
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वर्ष 1997 में जिला बनने के बाद से मुख्यालय स्थित एक निजी मकान में जिलाधिकारी कार्यालय संचालित होता था। वर्ष 2007 में कलेक्ट्रेट बनाने के लिए शासन ने मंजूरी दी। तब कलेक्ट्रेट भवन बनाने के लिए तकरीबन 8.80 करोड़ स्वीकृत किया गया। हालांकि मंजूरी मिलने के बाद भी जमीन उपलब्ध नहीं होने से काफी समय तक निर्माण कार्य अधर में लटका रहा। लेकिन वर्ष 2013 में जसूरी गांव के मौजा में जमीन उपलब्ध हो जाने के बाद निर्माण शुरु हो गया। तब सबसे पहले ट्रेजरी भवन का निर्माण कार्य पूर्ण हुआ। जिसमें वर्तमान समय में डीएम कार्यालय संचालित है। वहीं नए कलेक्ट्रेट भवन का निर्माण कार्य चल रहा है। वहीं निर्माण शुरू होने और काम की कछुआ चाल के चलते निर्माण कार्य की लागत भी बढ़ती चली गई। बनने वाले दो मंजिले कलेक्ट्रेट भवन की लागत करीब 20 करोड़ पहुंच चुकी है। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद उसे अंतिम रूप दिया जा रहा है। भवन का रंगरोगन व वायरिंग, बने कार्यालयों की सफाई, कबाड़ हटाने का काम अंतिम चरण में है। दावा किया जा रहा है कि मार्च के अंत तक काम पूरा हो जाएगा।
चंदौली। नए कलेक्ट्रेट भवन में कई आधुनिक सुविधाएं मौजूद होगी। इसमें चार ब्लाक बनाए गए है। प्रत्येक ब्लाक में प्रवेश के लिए अलग से गेट बनाए है। वहीं आधुनिक फायर सेफ्टी, रेन हार्वेस्टिंग सिस्टम भी लगाया गया है। जो बारिश के पानी को बर्बाद होने से रोकेगा तो आग से बचाव किया जा सकेगा।
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चंदौली। कलेक्ट्रेट निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद विकास भवन बनाने की भी तैयारी है। शासन ने कलेक्ट्रेट के उपरी मंजिल पर विकास भवन बनाने के लिए अधिकारियों को प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया है। इसके लिए जिला प्रशासन द्वारा नई बिल्डिंग का लोड टेस्ट कराने के लिए आईआईटी बीएचयू के विशेषज्ञों से राय भी ली है। आईआईटी की रिपोर्ट मिलने के बाद शासन को प्रस्ताव भेजने की तैयारी है।
नए कलेक्ट्रेट भवन का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। रंगरोगन तथा टाइल्स लगाने का कार्य चल रहा है। जो जल्द ही पूरा हो जाएगा। मार्च मा के अंत तक कलेक्ट्रेट भवन जिला प्रशासन को हैंडओवर कर दिया जाएगा। एसएन प्रसाद, उप अभियंता, राजकीय निर्माण निगम।
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