फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Chandauli News: दिन भर छाए रहे बादल, रात में बारिश

विज्ञापन
विज्ञापन
पीडीडीयू नगर। बंगाल की खाड़ी में बन रहे चक्रवात मोंथा से जहां आंध्र प्रदेश, ओडिशा, बंगाल और तमिलनाडु में जहां भारी बारिश की संभावना बनी हुई है वहीं जिले के मौसम पर भी इसका असर दिखा। जिले के अधिकांश भागों में सुबह से बादल छाए रहे। वहीं रात में तेज बारिश हुई। इससे ठंड का प्रभाव बढ़ गया। जिले का अधिकतम तापमान सोमवार को रविवार के 31 से दो डिग्री गिरकर 29 और न्यूनतम तापमान 24 से गिरकर 22 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। बारिश से फसलों के नुकसान की आशंका है।
विज्ञापन

इन दिनों मौसम में लगातार परिवर्तन हो रहा है। सोमवार को सुबह से पुरवा हवा चलती रही। इससे मोंथा चक्रवात का असर जिले तक पहुंच गया है। सुबह से आसमान बादलों से घिरा रहा। वहीं रात में नौ बजे तेज बारिश शुरू हो गई। लगभग एक घंटे तक कभी धीमी और कभी तेज बारिश के कारण शहरी इलाकों में जगह जगह जल भराव की स्थिति हो गई। वहीं डाला छठ में घाटों पर रूकी व्रती महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं जगह जगह सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। बारिश से सांस्कृतिक कार्यक्रम में खलल पड़ा। वहीं खेतों में धान की फसल तैयार है। ऐसे में बारिश से फसलों को नुकसान पहुंचा है। राज्य कृषि व मौसम विभाग के प्रभारी अतुल कुमार सिंह ने बताया कि मोंथा चक्रवात के प्रभाव से जिले में 29 अक्टूबर को गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। साथ ही 30 से 40 किलोमीटर की रफ्तार से हवा चल सकती है। उन्होंने किसानों को तेज हवा चलने की आशंका होने पर खड़ी फसलों में सिंचाई व किसी प्रकार के केमिकल का छिड़काव न करने की सलाह दी है।


कंदवा। मौसम का मिजाज अचानक बदल गया है। सोमवार को आसमान में बादल छाए रहे और कहीं कहीं हल्की बूंदाबांदी भी हुई। वहीं रात में बाशि हुई। इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि हल्की बारिश हो सकती है।
विज्ञापन

बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती तूफान सक्रिय होने और मौसम का मिजाज अचानक बदलने से किसान बारिश की संभावना से काफी चिंतित हैं। किसानों का कहना है कि अगर बारिश हुई तो धान की फसल बर्बाद हो जाएगी और उनकी कमर ही टूट जाएगी। इस समय बारिश न हो इसके लिए किसान ईश्वर से प्रार्थना कर रहे हैं। किसानों का कहना है यदि अच्छी बारिश हो गई तो फसलों काे अधिक नुकसान होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें