भारतीय किसान संघ के शुक्रवार को आयोजित जिला कार्यकर्ता सम्मेलन में किसानों से संबंधित समस्याएं उठायी गईं।
इस
दौरान आपदा राहत का चेक तुरंत किसानों मे वितरित करने, किसानों की धान
खरीद, किसानों के शोषण पर रोक लगाने की मांग की गई। चेतावनी दी कि यदि
किसानों का शोषण बंद नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा।
विकास खंड के
बरहुली गांव स्थित साधन सहकारी समिति पर आयोजित सम्मेलन में संगठन के
प्रांतीय महामंत्री अखिलेश सिंह ने कहा कि पिछले वर्ष अत्यधिक बारिश के
कारण किसानों की रबी की फसल बर्बाद हो गई। इससे किसानों की कमर ही टूट गई।
सरकार ने आपदा राहत की घोषणा की लेकिन एक वर्ष बीतने के बाद भी सभी
किसानों को राहत चेक नहीं मिली है।
किसानों ने कर्ज लेकर विपरीत
परिस्थितियों में धान की फसल उपजायी और जब धान बेचने की बारी आयी तो क्रय
केंद्रों पर किसानों का शोषण किया जा रहा है। क्रय केंद्रों पर धान नहीं
खरीजा जा रहा है। दूसरी तरफ आढ़तियों को धान क्रय की छूट गई है और आढतिये
किसानों का शोषण कर रहे हैं।
वे कम दाम पर धान खरीद कर अधिक मुनाफा के
लिए धान को बेच रहे हैं। उन्होंने एफसीआई और आढ़तियों की मिली भगत से
किसानों का शोषण बंद करने की मांग की।
चेतावनी दी कि यदि किसानेें की मांगे
नहीं मानी गई तो विपणन केंद्रों पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा। सम्मेलन में
प्रदेश सरकार की ओर से किसानों को सिंचाई मुफ्त पानी देने और केंद्र सरकार
के नई फसल बीमा लागू किए जाने पर बधाई दी गई। इस दौरान संघ के राष्ट्रीय
सम्मेलन पर भी चर्चा की गई।
सम्मेलन में राकेश, संतोष मिश्रा, मनोज सिंह,
तेजू यादव, श्यामधर गुप्ता, संजय यादव, रामजी यादव, कृपाल सिंह, बृजेश
बिंद, कालीचरण, महेंद्र, निरंजन आदि मौजूद रहे।