ताराजीवनपुर। जनपद में सिंचाई के मुख्य साधन नहरें और माइनर हैं लेकिन इनकी खोदाई नहीं होने से टेल के खेतों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। इससे धान की नर्सरी को लेकर किसानों की चिंता बढ़ गई है। धान की नर्सरी डालने का समय नजदीक आता जा रहा है। बावजूद इसके विभाग द्वारा किसी भी माइनर की खोदाई शुरू नहीं की गई है। अधिकांश माइनरें झाड़-झंखाड़ व सिल्ट से पटी हैं। किसान मुरारी प्रधान ने बताया कि जनपद में सिंचाई की समस्या गहराती जा रही है। तमाम माइनर ऐसी हैं जिनकी वर्षों से खोदाई नहीं हुई है। किसान गणेश यादव ने बताया कि खोदाई के अभाव में माइनरें पूरी तरह पट चुकी हैं। खाद-बीज व बिजली की समस्या भी किसान झेलने को मजबूर हैं।
नहरों व माइनरों की खोदाई नवंबर-दिसंबर में कराई जाती है। इसके बावजूद किसानों की शिकायत मिलने पर नहरों की सफाई कराई जाएगी। - मनोज सिंह, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग।