केस- 1
नौगढ़ क्षेत्र के 122 गांवों में बिजली आपूर्ति व्यवस्था बेपटरी हो गई है। रात में चार-चार घंटे की कटौती आम बात हो गई है। शनिवार की शाम 7:30 बजे बिजली गई फिर रात 10:55 बजे आई, फिर 11:25 पर चली गई। रात के 2 बजे आई, फिर भोर में 4:30 बजे कट गई। कारण ट्रांसफॉर्मर का फ्यूज बार-बार शॉर्ट कर जा रहा था। एसडीओ संतोष कुमार ने बताया कि रोस्टिंग और ओवरलोड के कारण ट्रिपिंग हो रही है।
केस - 2
टांडाकला क्षेत्र के सरौली, महमदपुर, मारूफपुर, सोनबरसा सहित कई गांवों में सुबह 6 बजे बिजली कटने के बाद फिर 9 से 10 बजे के बीच में आती है। इसके बाद दोपहर में शुरू होता है ट्रिपिंग का खेल। शाम को फिर कटौती शुरू हो जाती है। कमालपुर उपकेंद्र से जुड़े क्षेत्र में दिन में कई बार बिजली ट्रिप हो रही है। एसडीओ सुधीर कुमार ने बताया कि रैथा फीडर पर अधिक लोड और पेड़ों की टहनियों के तारों से टकराने के कारण ट्रिपिंग हो रही है। लोड कम करने पर काम चल रहा है।
रात की कटौती का पैटर्न
एक बार आपूर्ति : 05–20 मिनट के लिए
कटौती की अवधि : 1 से 2 घंटे के लिए
रातभर में कटौती : 4 से 6 बार
औसत 24 घंटे में आपूर्ति : 2–4 घंटे के लिए
सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्र
- सकलडीहा
- नौगढ़
- शिकारगंज
- इलिया
फॉल्ट के प्रमुख कारण
- ओवरलोड फीडर
- रोस्टिंग (ऊपर से कटौती)
- ट्रांसफॉर्मर की क्षमता कम
- पेड़ों से टकराती लाइन (ट्रिपिंग)
बिजली नहीं रहने से परेशानी
- बुजुर्ग, मरीज और छोटे बच्चे सबसे ज्यादा परेशान
- रात में नींद पूरी नहीं होने से बढ़ रहा चिड़चिड़ापन
- किसान सिंचाई के लिए नहीं कर पा रहे पानी का इंतजाम
ग्रामीणों की भी सुनें
जब भोजन करने का समय होता है तो बिजली गायब हो जाती है। इसी तरह सोने के समय हो रही कटौती के कारण घर के बाहर टहलना पड़ रहा है।
- विजय शंकर सिंह तेल्हरा
कार्रवाई, जांच, बकाया वसूली और लोड बढ़ाने का काम तो जारी है। मगर बिजली आपूर्ति पर किसी का ध्यान नहीं है। उपभोक्ता बिल भी दे रहे हैं और परेशान भी हो रहे हैं।
- शिवकुमार, असना
जमानिया में न तो दिन में बिजली मिल रही है न ही रात में। सरकार कह रही है कि 18 घंटे बिजली मिलेगी। चार घंटे भी नहीं मिल रही है। हां, कागजों सब ठीक चल रहा होगा।
- अरुण सिंह भदखरी
उमस भरी गर्मी ने लोगों को बेहाल कर दिया है,उस पर जमानिया क्षेत्र में रात में चार बार कटौती हो रही है। बिजली निगम के अभियंता सब ठीक चल रहा है कि बात बता रहे हैं।
- अनिल यादव कंजेहरा
उपकेंद्र को जितनी आपूर्ति मिलती है, उतनी ही आगे दी जाती है। रोस्टिंग के कारण रात में कटौती हो रही है, इसे सुधारने का प्रयास जारी है।
- संतोष कुमार, एसडीओ