पीडीडीयू नगर। पुण्य -पाप का लेेखा-जोखा रखने वाले भगवान चित्रगुप्त की पूजा इस वर्ष 16 नवंबर को मनाई जाएगी। कोरोना की वजह से इसे सार्वजनिक रूप से नहीं मनाया जाएगा। कायस्थ समाज के लोग घरों में ही विधि-विधान से भगवान की पूजा अर्चना करेंगे। ये बातें अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के राष्ट्रीय मंत्री शैलेंन्द्र श्रीवास्तव ने चंदासी स्थित आवास पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहीं।
शैलेन्द्र श्रीवास्तव ने कहा कि कायस्थ समाज के आदिदेव ब्रह्म के वंशज भगवान चित्रगुप्त है। दीपावली के तीसरे दिन भगवान चित्रगुप्ता की पूजा अर्चना की जाती है। समाज को एकजुट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले सार्वजनिक चित्रगुप्ता पूजनोत्सव पर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बीच समाज के अच्छे प्रदर्शन करने वाले लोगों को पुरस्कृत भी किया जाता रहा है। कुल मिलाकर समाज का यह वार्षिक कार्यक्रम का लोगो को इंतजार रहता है। इस वर्ष कोरोना की वजह से समाज के लोग सार्वजनिक रूप से पूजनोत्सव नहीं करेंगे। अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के राष्ट्रीय मंत्री शैलेन्द्र श्रीवास्तव ने लोगों ने दीपावली पर आतिशबाजी न करने का आह्वान किया। कहा कि दीपावली खुशियों का त्योहार है। इस दिन दीप सजाकर और एक दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशियां मनाने की जरूरत है।
रिपोर्ट और संपादन- कृष्ण मुरारी मिश्र
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