कंदवा। क्षेत्र के कपसिया और बसंतपुर गांव में आजादी के सात दशक बीत जाने के बाद भी प्राथमिक विद्यालय नहीं बना है। इससे बच्चों को प्राथमिक शिक्षा के लिए एक गांव से दूसरे गांव में भटकना पड़ रहा है।
स्कूल न होने के कारण कपसिया गांव के बच्चों को प्राथमिक शिक्षा के लिए गांव से तीन किलोमीटर दूर रेलवे लाइन पार कर धीना बाजार स्थित प्राथमिक विद्यालय या इतनी ही दूरी तय कर डिग्घी जाना पड़ता है। रेलवे लाइन पार कर स्कूल जाने वाले बच्चों के अभिभावक बच्चों के घर वापस लौटने तक काफी चिंता व तनाव में रहते हैं। वहीं बसंतपुर गांव में भी प्राथमिक पाठशाला नहीं होने से बच्चों को तीन किलोमीटर दूर बकौड़ी या अरंगी जाना पड़ता है। कपसिया ग्राम प्रधान बबिता सिंह और बसन्तपुर के सेवानिवृत्त सूबेदार रामलखन यादव का कहना है कि गांव में विद्यालय होने से परेशानी हो रही है। कपसिया और बसंतपुर के नौनिहालों का भविष्य सुधारने के लिए इन गांवों में प्राथमिक विद्यालय का होना अत्यंत आवश्यक है। इस संबंध में बरहनी के खंड शिक्षाधिकारी राकेश कुमार सिंह का कहना है कि स्कूल खोलने के लिए शासन की अनुमति जरूरी है। ग्राम प्रधान प्रस्ताव बनाकर भेजें जिसे जांच के बाद अनुमति के लिए शासन को भेजा जाएगा।