केंद्रीय विद्यालय मुगलसराय में शुक्रवार की सुबह केंद्रीय मानव संसाधन
विकास राज्य मंत्री उपेंद्र कुुशवाहा ने कहा कि बच्चों में प्रतिभा की कमी
नहीं होती। जरूरत उन्हें तराशने की होती है।
इन्हीं बच्चों में
छिपा है स्वामी विवेकानंद जैसे महापुरुष का व्यक्तित्व। कोई पत्थर से ठोकर
लगने पर गिरते हुए आगे बढ़ता है, तो कोई ठोकर लगाने वाले पत्थर को तराशकर
देवता बना देता है। इन पत्थर रूपी बच्चों को तराशने का काम करने वाले
कलाकार शिक्षक हैं।
उन्होंने कहा कि शिक्षकों के ऊपर बच्चों का मार्ग
प्रशस्त करने की जिम्मेदारी है। इस दौरान बच्चों ने जहां एक से बढ़कर एक
कार्यक्रम प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया तो वहीं उपेंद्र कुशवाहा ने
बच्चों द्वारा प्रस्तुत कार्यक्रमों की भूरि-भूरि सराहना करते हुए उन्हें
उनके आगे बढ़ने में सहयोग के लिए भरोसा दिलाया।
कार्यक्रमों की शुरुआत
बच्चों के गणेश वंदना 'गाइए गणपति गजवंदन' से शुरू हुई। इसके पश्चात
प्रस्तुत 'झूमे-झूमे ये नजारे' स्वागत गीत पर सभी ने जमकर तालियां बजाईं।
बच्चों द्वारा प्रस्तुत कश्मीरी लोक नृत्य ने पर जहां सभी झूम उठे तो
भोजपुरी लोक नृत्य 'चिहुं चिहुं चीहूं चिरइया के बोल, सुनि गोरिया चलेलीं
पनघटवा की ओर, किरन फूट गइल, गांव उठ गइल' की प्रस्तुति पर तालियों की
गड़गड़ाहट से समूचा पंडाल गूंज उठा।
अंतिम प्रस्तुति राजस्थानी लोक नृत्य
'काल्यो कूद पड्यो मेले में साइकल पंचर कर लायो' ने तो जैसे सभी को नृत्य
करने को मजबूर कर दिया। रंगारंग प्रस्तुतियों की ऐसी छवि देख केंद्रीय मानव
संसाधन विकास मंत्री ने कहा कि बच्चों ने लोकनृत्य के जरिए 'भारत में
विविधता में एकता' का दर्शन करा दिया। कश्मीरी लोक नृत्य ने कश्मीर की
सर्दी तो राजस्थानी लोक नृत्य ने राजस्थानी लोक कला का परिचय करा दिया।
मणिपुर जाने से पहले मैं मौका मिला तो इस विद्यालय में आकर मणिपुर को जरूर
देखना चाहूंगा। उपायुक्त केंद्रीय विद्यालय संगठन वाराणसी संभाग डीटी
सुदर्शन राव ने मुख्य अतिथि उपेंद्र कुशवाहा का पुष्प गुच्छ देकर स्वागत
किया तो प्रधानाचार्य सोम पाल ने विद्यालय का रिपोर्ट प्रस्तुत किया।
संचालन मनीष कुमार पांडेय ने किया। इस अवसर पर नगर के तमाम गणमान्य
नागरिकों समेत भाजपा कार्यकर्ता, शिक्षक तथा विद्यालय के छात्र-छात्राएं
उपस्थित रहे।