पीडीडीयू नगर। कोरोना संक्रमण काल में लॉकडाउन से घरों में कैद बच्चे अपनी बोरियत दूर करने में लग गए है। इसके लिए बच्चे अपनी रूचि से जुड़े विषयों का लगातार अभ्यास करने में जुट गए है। हालांकि विद्यालयों की ओर से चलाई जा रही ऑनलाइन कक्षाएं बच्चों को व्यस्त रखने में मददगार साबित हो रही है लेकिन शेष वक्त में बच्चे कुछ नया करने में लग गए है। इस वक्त समय काटने के लिए कोई चित्रकारी कर रहा है तो कोई गीत-संगीत का अभ्यास कर रहा है। यहां तक कि कई बच्चे विज्ञान, गणित व अन्य विषयों से जुड़ी किताबों को पढ़कर भी समय बिताने में लगे हुए है।
नगर से सटे ओड़वार बस्ती निवासी विद्यासागर का पुत्र शिवम कक्षा सात का छात्र है। लॉकडाउन में समय बिताने के लिए वह अपनी कला को निखारने में जुटा हुआ है। इसके लिए वह कोरोना की चित्र बनाकर लोगों को इससे बचने की अपील कर रहा है। पेंटिंग के माध्यम से शिवम लोगों से घरों में रहने की अपील कर रहा है। साथ कोरोना से फाइट करने का भी संदेश दे रहा है। उसने बताया कि कोरोना संक्रमण से बचने के लिए सबसे अधिक आवश्यक है कि लोग घरों में रहे।
कूढ़े खुर्द निवासी सीयाराम यादव का पुत्र श्रेयश कक्षा दो का छात्र है। संक्रमण काल में स्कूल बंद होने के कारण उसकी शरारतें परिवार वालों के लिए मुसीबत का सबब बन जा रही थी। इसके बाद उसके पिता ने उसे रंग व कॉपी देकर चित्रकारी के लिए प्रेरित किया। श्रेयश भी कोरोना का चित्र बनाने में जुटा है। उसके पिता ने बताया कि श्रेयश को कोरोना के बारे में बताया। इसके बाद उसे बचाव के उपाय बताये और फिर उससे जुड़ी चित्रकारी करने को कहा। जिस पर श्रेयश अपने कोमल हाथों से आड़ी तिरछी रंग बिरंगी लाइनें खींचकर उसे कोरोना का आकार देने में लग गया।