चंदौली। चाइल्ड पोर्नोग्राफी मामले का मास्टर माइंड सहित चारों आरोपी शुक्रवार को स्पेशल जज पॉक्सो की अदालत में हाजिर हुए। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो राजेंद्र प्रसाद ने अगली तारीख मुकर्रर कर 19 नवंबर को पुन: कोर्ट में पेश होने का निर्देश दिया है। इस तिथि को सभी आरोपियों के विरुद्ध आरोपपत्र बनेगा। इसके बाद गवाही के लिए बुलाया जाएगा। साथ ही फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट की तर्ज पर सुनवाई की जाएगी। विशेष अधिवक्ता पाक्सो शमशेर बहादुर सिंह ने बताया कि बीते 16 अगस्त को सीबीआई की टीम ने नाबालिगकी अश्लील फोटो व वीडियो बनाकर बेचने के मामले में चार आरोपितों के खिलाफ स्पेशल जज पॉक्सो राजेंद्र प्रसाद की अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी। इसमें पोर्नोग्राफी का मास्टर माइंड बांदा निवासी रामभुवन और पटना निवासी रेल कर्मचारी अजीत कुमार के अलावा चंदौली के अजय कुमार गुप्ता व अविनाश कुमार को आरोपी बनाया गया था। शुक्रवार का सभी आरोपी न्यायालय में पेश हुए। न्यायाधीश ने अगली तारीख मुकर्रर करते हुए 19 नवंबर को पुन: पेश करने का आदेश दिया है। उक्त तिथि को चारों आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र बनेगा। संवाद
छेड़खानी के दोषी को तीन साल की सजा
चंदौली। स्पेशल जज पॉक्सो कोर्ट ने शुक्रवार को सुनवाई के दौरान दोष सिद्ध होने पर छेड़खानी के आरोपी कमंडल को 3 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई। वहीं 5 हजार रुपया जुर्माना लगाया। जुर्माना अदा न करने पर दो माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। अभियोजन की ओर से विशेष अधिवक्ता पॉक्सो शमशेर बहादुर सिंह, अवधेश नारायण सिंह, रमाकांत उपाध्याय ने मुकदमे की पैरवी और तर्क प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि चकिया थाना क्षेत्र निवासी पीड़िता के पिता का आरोप था कि 5 मई 2017 की शाम 7 बजे 12 वर्षीय पुत्री अपने छोटे भाई के साथ शादी समारोह में गई थी। वह रात करीब 9 बजे घर लौट रही थी। इस बीच रास्ते में आरोपी ने पुत्री का जबरदस्ती मुंह दबा दिया। इसके बाद गलत नियत से लेकर भागने लगा। पुत्री के शोरगुल मचाने पर गांव के कुछ लोग जुट गए। यह देखकर अभियुक्त भाग निकला। इसके बाद पुत्री ने घर आकर आपबीती बताई। आरोपी ने पुन: 10 मई 2017 को बेटी को स्कूल जाते समय रास्ते में उसे लेकर भागने, शादी नहीं होने देने और माता- पिता को जान से मारने की धमकी दी। इससे पीड़िता और परिवार को लोग भयभीत हो गए। काफी प्रयास के बाद इस मामले में 25 मई 2017 को चकिया थाने में मुकदमा दर्ज हुआ। इस मामले में पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। इसकी सुनवाई स्पेशल जज पॉक्सो की अदालत में की गई। न्यायाधीश ने दोष सिद्ध होने पर अभियुक्त कमंडल को पॉक्सो अधिनियम के तहत 3 वर्ष की कठोर सजा का फैसला सुनाया।